बिहार
मुजफ्फरपुर में नहर से मिला कंसल्टेंसी एजेंसी संचालक का शव, हत्या की आशंका
Rajeshwari Nishad
31 Oct 2026 4:41 PM IST

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक युवक का शव नहर से मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक एक कंसल्टेंसी एजेंसी का संचालन करता था। युवक का शव पकड़ी नहर में मिला है। उसके बाएं हाथ पर कट का निशान पाया गया है, जबकि उसकी कार में खून के छींटे मिलने की बात सामने आई है। इन परिस्थितियों के कारण युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक एजेंसी संचालक का शव नहर में मिलना और उससे जुड़े संदिग्ध निशानों का सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है। विशेष रूप से कार में खून के छींटे मिलने की जानकारी को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह पता लगाना जरूरी होगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके शरीर तथा वाहन पर मिले निशानों का आपस में क्या संबंध है।
पकड़ी नहर में शव मिलने से मची सनसनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के पकड़ी नहर में एक युवक का शव मिला। मृतक कंसल्टेंसी एजेंसी चलाता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी मौत को लेकर संदेह की स्थिति पैदा हो गई।
नहर में शव मिलने की घटना कई संभावनाओं की ओर इशारा कर सकती है। ऐसे मामलों में यह जांच करना महत्वपूर्ण होता है कि संबंधित व्यक्ति स्वयं नहर तक पहुंचा था या किसी अन्य परिस्थिति में उसका शव वहां पहुंचा।फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि युवक आखिरी बार कब और कहां देखा गया था। यह भी पता नहीं चला है कि वह घर से किस काम के लिए निकला था और नहर तक कैसे पहुंचा।इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझा जा सकेगा।
मृतक की पहचान राहुल ठाकुर के रूप में हुई
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 40 वर्षीय राहुल ठाकुर के रूप में हुई है। वह मुजफ्फरपुर के पताही खरौना गांव के रहने वाले थे और एक शिक्षक के पुत्र थे। राहुल कंसल्टेंसी से जुड़ा काम करते थे। उनका काम पटना और पुणे में विद्यार्थियों के एडमिशन से संबंधित था।
काम के सिलसिले में राहुल का दूसरे शहरों में आना-जाना लगा रहता था। बताया गया है कि वह कभी-कभी ही अपने गांव आते थे। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से वह घर पर ही रह रहे थे। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को उनका शव करजा थाना क्षेत्र के खरौना गांव के पास तिरहुत नहर में मिलने की खबर सामने आई।
नहर के पास खड़ी मिली कार, अंदर था बैग
घटनास्थल के पास राहुल की कार भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि कार संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी थी। वाहन के अंदर एक बैग भी मिला है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार के अंदर खून के छींटे दिखाई दिए। इससे युवक की मौत को लेकर हत्या की आशंका और गहरा गई।हालांकि, कार में मिले निशान वास्तव में खून के हैं या नहीं, इसकी पुष्टि वैज्ञानिक जांच से होगी। यदि निशान खून के पाए जाते हैं तो यह जांच करना महत्वपूर्ण होगा कि उनका संबंध राहुल की मौत से है या किसी अन्य घटना से।पुलिस के लिए यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि कार नहर के पास कैसे पहुंची और उसे अंतिम बार किसने चलाया था। इन सवालों के जवाब जांच में अहम साबित हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को दी सूचना
जानकारी के अनुसार, शनिवार को ग्रामीणों ने नहर में शव देखा। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी। ग्रामीणों ने तत्काल करजा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाया। पहचान होने के बाद राहुल ठाकुर के परिजनों को जानकारी दी गई।शव मिलने की खबर सुनकर परिवार के सदस्य घटनास्थल पहुंचे। राहुल की मौत से परिवार में मातम पसर गया। परिजन अचानक हुई इस घटना से सदमे में हैं।
ग्रामीण एसपी और एसडीपीओ पहुंचे घटनास्थल
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर और सरैया की एसडीपीओ अभिजित कौर घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पुलिस की जांच संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।
पुलिस ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को भी बुलाया।एफएसएल की जांच से घटनास्थल और कार में मिले संभावित साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा सकेगा। वैज्ञानिक साक्ष्य यह समझने में मदद कर सकते हैं कि घटना कहां हुई और शव नहर तक कैसे पहुंचा।
बाएं हाथ पर कट का निशान, उठ रहे कई सवाल
राहुल के बाएं हाथ पर कट का निशान होने की जानकारी भी सामने आई है। यह निशान कैसे लगा, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।ऐसी परिस्थितियों में चोट की प्रकृति, उसकी गंभीरता और मृत्यु के समय से उसका संबंध समझना महत्वपूर्ण होता है। पोस्टमार्टम और अन्य चिकित्सकीय परीक्षणों से इस बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है।
मामले में यह भी जांच का विषय है कि राहुल की मौत नहर में गिरने के कारण हुई या उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। यदि किसी तरह की हिंसा हुई है तो उसकी परिस्थितियों का पता लगाना आवश्यक होगा।हालांकि, केवल हाथ पर चोट और कार में संदिग्ध निशान मिलने के आधार पर हत्या की पुष्टि नहीं की जा सकती।
हत्या की आशंका पर भी जांच कर रही पुलिस
एसडीपीओ अभिजित कौर के अनुसार, पुलिस को तिरहुत नहर के पास शव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद घटनास्थल की जांच शुरू की गई।उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान हो चुकी है और एफएसएल टीम को साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है। पुलिस हत्या की आशंका को भी ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। इन बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
मोबाइल और आखिरी गतिविधियों से मिल सकते हैं सुराग
इस मामले में राहुल की आखिरी गतिविधियों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। वह घर से कब निकले थे, किससे मिलने वाले थे और घटना से पहले किन लोगों के संपर्क में थे, जैसे सवालों के जवाब जांच की दिशा तय करने में मदद कर सकते हैं।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और वाहन से जुड़े साक्ष्यों की जांच उपयोगी हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने इन सभी तकनीकी पहलुओं पर अब तक क्या कार्रवाई की है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल मुजफ्फरपुर में कंसल्टेंसी से जुड़े युवक की संदिग्ध मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। परिवार को राहुल की मौत के वास्तविक कारणों का इंतजार है। पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या हत्या की वारदात।
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