बिहार

JNU मामले पर BJP का प्रदर्शन, राहुल के खिलाफ नारे!

Ashish verma
10 Oct 2026 5:18 PM IST
JNU मामले पर BJP का प्रदर्शन, राहुल के खिलाफ नारे!
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BJP protests : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सांसद के पोस्टर पर जूते मारकर विरोध जताया गया और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले पर जवाब मांगा। विश्वविद्यालय की ओर से अकोइजम को सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी विरोध अभियान शुरू किया है।
भाजपा का आरोप है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाला कांग्रेस नेतृत्व अपनी ही पार्टी के सांसद पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर जवाबदेही तय नहीं कर रहा है। पार्टी ने महिला मोर्चा को प्रदर्शन की अगुवाई की जिम्मेदारी दी है। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, शनिवार को राज्यों की राजधानियों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन और सोमवार को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन किया जाना है। भाजपा इस मामले में कांग्रेस से स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग कर रही है।
मामले के केंद्र में मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम हैं। वह जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के अंतर्गत सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स से जुड़े थे। विश्वविद्यालय ने छात्राओं की शिकायतों पर आंतरिक समिति से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट और समिति की सिफारिशों पर विचार करने के बाद शुक्रवार, नौ अक्टूबर को उनकी विश्वविद्यालय सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया गया। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय में उनके पद से संबंधित है।
प्रकाशित जानकारी के अनुसार, 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ शिकायतें की थीं। शिकायतों में अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। कुछ शिकायतों में कक्षा के भीतर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप भी शामिल था। छात्राओं की ओर से मई में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आरोपों को लेकर पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में विरोध हुआ था और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।
कुलपति शांतिश्री डी. पंडित के आदेश में कहा गया कि आंतरिक समिति ने जांच के बाद सेवा नियमों के तहत बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने, उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और समिति की रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी का निर्णय लिया गया। आदेश में केंद्रीय सिविल सेवा के वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील संबंधी नियमों का उल्लेख किया गया है। प्रशासन ने इस कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से लागू किया।
विश्वविद्यालय के फैसले के बाद भाजपा ने राहुल गांधी के महिला अधिकारों से जुड़े सार्वजनिक बयानों को लेकर सवाल उठाए। पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ अभियान चलाने वाले कांग्रेस नेतृत्व को अपने सांसद के मामले में भी जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की कथित चुप्पी की आलोचना की और पूछा कि छात्राओं की शिकायतों के बाद कांग्रेस ने अपने सांसद के खिलाफ क्या कार्रवाई की।
भाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक मंचों से महिला सशक्तीकरण की बात करने के साथ संगठन के भीतर उठने वाली शिकायतों पर भी स्पष्ट निर्णय जरूरी है। प्रदर्शन के जरिए भाजपा विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बाद कांग्रेस की राजनीतिक जिम्मेदारी का सवाल उठा रही है। राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी भी इसी विरोध अभियान का हिस्सा रही। हालांकि, कांग्रेस के रवैये को लेकर लगाए गए ये आरोप भाजपा के हैं।
इससे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी जेएनयू में अकोइजम के निलंबन और बर्खास्तगी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। बर्खास्तगी के बाद संगठन ने कहा कि छात्राओं को न्याय, सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए जवाबदेही जरूरी है। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय की कार्रवाई के साथ आगे कानूनी कार्रवाई की मांग भी रखी है। संगठन का कहना है कि किसी व्यक्ति का राजनीतिक पद या प्रभाव निष्पक्ष कार्रवाई के रास्ते में बाधा नहीं बनना चाहिए।
दूसरी ओर, अकोइजम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की कार्रवाई को अपने खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान बताया और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। सांसद ने आरोप लगाया कि शिकायतों से संबंधित मामले में कानूनी प्रक्रिया का उचित पालन नहीं हुआ। उन्होंने अपने खिलाफ ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने की मांग भी की है। इस तरह मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और शिकायतकर्ताओं के आरोपों के साथ सांसद का विरोधी पक्ष भी सामने आया है।
फिलहाल विश्वविद्यालय की बर्खास्तगी, भाजपा के विरोध प्रदर्शन और सांसद की आपत्तियां इस मामले के प्रमुख घटनाक्रम हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अपने निर्णय को आंतरिक जांच और सेवा नियमों पर आधारित बता रहा है, जबकि अकोइजम उस प्रक्रिया को चुनौती दे रहे हैं। भाजपा ने अपना विरोध अभियान जिला स्तर तक ले जाने की घोषणा की है। छात्राओं की शिकायतों से शुरू हुआ यह मामला अब कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही और विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है।
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