जमुई में बनेगा Bihar का पहला कंक्रीट डैम, 2579 करोड़ का टेंडर जारी

Jamui.जमुई। जमुई में बिहार का पहला कंक्रीट बांध बनेगा। बरनार जलाशय परियोजना के टेंडर की अंतिम स्वीकृति के बाद यह संभव होने जा रहा है। इसके साथ ही बरनार का 37 साल का वनवास खत्म हो गया है। दरअसल, शुक्रवार को 2579 करोड़ की निविदा आमंत्रण सूचना जारी कर दी गई है। संभव है कि रविवार तक टेंडर भी प्रकाशित हो जाए। यह जलाशय पिछले 40 सालों से हर चुनाव में मुद्दा रहा है। बांध की बात करें तो इसका बांध 74 मीटर ऊंचा और 285 मीटर लंबा होगा। दाहिनी ओर की मुख्य नहर 17 किलोमीटर लंबी और बाईं ओर की 24 किलोमीटर लंबी होगी। शाखा और उप शाखा वितरण प्रणाली की कुल लंबाई 147 किलोमीटर होगी। वितरक पूरी तरह भूमिगत होगी। इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के निर्माण से सोनो, झाझा, गिद्धौर और खैरा प्रखंड के अंतर्गत कुल 23000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
अनुमान है कि इससे किसानों की आय में 360 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। अकेले बांध में मछली पालन से प्रति वर्ष 60 करोड़ रुपए की आय होगी।जमुई। जमुई में बिहार का पहला कंक्रीट बांध बनेगा। बरनार जलाशय परियोजना के टेंडर की अंतिम स्वीकृति के बाद यह संभव होने जा रहा है। इसके साथ ही बरनार का 37 साल का वनवास खत्म हो गया है। दरअसल, शुक्रवार को 2579 करोड़ की निविदा आमंत्रण सूचना जारी कर दी गई है। संभव है कि रविवार तक टेंडर भी प्रकाशित हो जाए। यह जलाशय पिछले 40 सालों से हर चुनाव में मुद्दा रहा है। बांध की बात करें तो इसका बांध 74 मीटर ऊंचा और 285 मीटर लंबा होगा। दाहिनी ओर की मुख्य नहर 17 किलोमीटर लंबी और बाईं ओर की 24 किलोमीटर लंबी होगी। शाखा और उप शाखा वितरण प्रणाली की कुल लंबाई 147 किलोमीटर होगी। वितरक पूरी तरह भूमिगत होगी। इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के निर्माण से सोनो, झाझा, गिद्धौर और खैरा प्रखंड के अंतर्गत कुल 23000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। अनुमान है कि इससे किसानों की आय में 360 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। अकेले बांध में मछली पालन से प्रति वर्ष 60 करोड़ रुपए की आय होगी।





