
Bihar बिहार: दरभंगा में महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें स्मार्ट खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक और लाभकारी कृषि से जोड़ना है।
कार्यक्रम में महिला किसानों को ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत बीजों का उपयोग, जैविक खेती के तरीके और आधुनिक कृषि मशीनों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि सीमित संसाधनों में भी तकनीक के सही उपयोग से बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
कृषि विभाग की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं में खेती को केवल परंपरागत कार्य के रूप में देखने की बजाय उसे एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने का उत्साह देखा गया।
अधिकारियों ने बताया कि ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीक से पानी की बचत होती है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। वहीं जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और बाजार में उत्पादों की मांग भी अधिक रहती है। इसके अलावा आधुनिक कृषि मशीनों के उपयोग से श्रम की लागत कम होती है और काम तेजी से पूरा होता है।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने महिलाओं को यह भी समझाया कि बदलते समय में खेती में तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तरीकों को अपनाते हैं तो वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।
प्रशिक्षण के बाद कई महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें अब खेती को लेकर नई दिशा मिली है और वे इन तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के लिए तैयार हैं। महिलाओं ने इसे आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्थानीय स्तर पर इस पहल को सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे ग्रामीण महिलाओं को न केवल कृषि में दक्षता मिलेगी बल्कि वे आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकेंगी।
फिलहाल, विभाग ने संकेत दिया है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक महिला किसान आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़कर स्मार्ट खेती की दिशा में आगे बढ़ सकें।





