
पटना : बिहार के राज्यपाल एवं राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने मंगलवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित दो अत्याधुनिक स्टूडियो का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने नए स्टूडियो का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार जिन दो स्टूडियो का उद्घाटन किया गया, उनमें एक ऑनलाइन क्लास स्टूडियो और दूसरा मास कम्युनिकेशन स्टूडियो शामिल है। इन दोनों स्टूडियो को आधुनिक ऑडियो-वीडियो तकनीक, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों, डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम, स्मार्ट प्रेजेंटेशन सुविधाओं और उन्नत प्रसारण उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन क्लास स्टूडियो के माध्यम से विश्वविद्यालय के शिक्षक उच्च गुणवत्ता वाले व्याख्यान रिकॉर्ड कर सकेंगे और उन्हें ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर अध्ययन सामग्री और नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकेगा।
वहीं, मास कम्युनिकेशन स्टूडियो का उपयोग पत्रकारिता एवं जनसंचार से जुड़े पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। यहां छात्र समाचार वाचन, एंकरिंग, वीडियो प्रोडक्शन, ऑडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल कंटेंट निर्माण और मीडिया प्रोडक्शन जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों के कौशल विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और डिजिटल तकनीक शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में विश्वविद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि खुला विश्वविद्यालय उन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है, जो किसी कारणवश नियमित कॉलेजों में पढ़ाई नहीं कर पाते। डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक स्टूडियो की मदद से ऐसे छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना अब पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि नए स्टूडियो के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। शिक्षक बेहतर तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर इंटरैक्टिव और प्रभावी व्याख्यान तैयार कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को विषयों को समझने में सुविधा होगी और अध्ययन सामग्री भी अधिक व्यवस्थित रूप में उपलब्ध कराई जा सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय आने वाले समय में ई-लर्निंग, वर्चुअल क्लासरूम और डिजिटल कंटेंट निर्माण को और अधिक विस्तार देने की योजना पर भी कार्य कर रहा है। इसके लिए आधुनिक तकनीकी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि शिक्षा को अधिक सुलभ, लचीला और प्रभावी बनाया जा सके।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल संसाधनों के विकास से न केवल शिक्षण प्रक्रिया आधुनिक होगी, बल्कि विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी लाभ मिलेगा। विशेष रूप से मीडिया और संचार जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं छात्रों के करियर निर्माण में सहायक साबित होंगी।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से संस्थान आधुनिक शिक्षा प्रणाली की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। नए स्टूडियो की शुरुआत के साथ नालंदा खुला विश्वविद्यालय ने डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है, जिससे प्रदेश ही नहीं, देशभर के विद्यार्थियों को भविष्य में लाभ मिलने की उम्मीद है।





