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Bihar : स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और सुरंगों पर लगेगा टोल टैक्स, नई नीति लागू

Kavita2
7 July 2026 9:58 AM IST
Bihar : स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और सुरंगों पर लगेगा टोल टैक्स, नई नीति लागू
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Bihar बिहार: बिहार में अब राज्य के स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को टोल टैक्स देना होगा। राज्य सरकार ने इसके लिए सोमवार को बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही बिहार में नई टोल टैक्स नीति लागू हो गई है।

नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार अब सड़क सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के इस्तेमाल के बदले उपयोगकर्ता शुल्क वसूल करेगी। इस नीति के आधार पर टोल टैक्स वसूली की पूरी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

सड़कों की चौड़ाई के आधार पर तय होगी टोल दर

नई नियमावली में अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के लिए अलग-अलग टोल दर निर्धारित की गई है। सरकार ने सड़क की चौड़ाई और निर्माण स्तर के आधार पर शुल्क तय करने का प्रावधान किया है।

नियमों के अनुसार, दो लेन से अधिक लेकिन चार लेन से कम चौड़ी स्टेट हाईवे सड़कों पर निर्धारित टोल राशि का 60 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।

वहीं, चार लेन या इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर वाहन चालकों को तय दर का 100 प्रतिशत टोल टैक्स देना होगा। यानी बेहतर और ज्यादा चौड़ी सड़कों के इस्तेमाल के लिए पूरी निर्धारित राशि वसूली जाएगी।

इसके अलावा मध्यवर्ती लेन वाली सड़कों, जिनकी चौड़ाई करीब 5.5 मीटर है, उन पर निर्धारित शुल्क का 50 प्रतिशत टोल टैक्स लागू होगा।

बड़े पुलों और बाइपास पर भी लागू होगी व्यवस्था

राज्य सरकार की नई टोल नीति केवल हाईवे तक सीमित नहीं होगी। इसके तहत बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों पर भी टोल टैक्स वसूला जाएगा।

सरकार का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के रखरखाव और बेहतर संचालन के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है।

बिहार में पिछले कुछ वर्षों में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। कई नए पुल, बाइपास और सड़क परियोजनाएं बनाई गई हैं। इन परियोजनाओं की देखरेख और रखरखाव के लिए सरकार ने उपयोगकर्ता शुल्क की व्यवस्था लागू की है।

टोल टैक्स वसूली की बनेगी कार्ययोजना

अधिसूचना जारी होने के बाद अब संबंधित विभाग टोल टैक्स वसूली की विस्तृत योजना तैयार करेगा। इसमें टोल प्लाजा की पहचान, शुल्क संग्रहण की व्यवस्था और संचालन से जुड़े नियम तय किए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, टोल वसूली की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि टोल टैक्स से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाए।

सड़क विकास और रखरखाव के लिए बढ़ेंगे संसाधन

राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क के लिए लगातार निवेश की जरूरत होती है। सड़क निर्माण के साथ-साथ उनकी मरम्मत और रखरखाव पर भी बड़ी राशि खर्च होती है।

नई टोल नीति से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल सड़क ढांचे को मजबूत करने, रखरखाव कार्यों और नई परियोजनाओं को गति देने में किया जा सकता है।

बिहार में पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का विस्तार हुआ है। कई जिलों को जोड़ने के लिए नई सड़क परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च

नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्टेट हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

हालांकि, सरकार का तर्क है कि टोल से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। बेहतर सड़क, सुरक्षित यात्रा और कम समय में आवागमन की सुविधा के लिए यह शुल्क लिया जा रहा है।

व्यावसायिक वाहनों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहनों पर इसका प्रभाव ज्यादा दिखाई दे सकता है।

सरकार ने जारी की अधिसूचना

बिहार सरकार के संबंधित विभाग ने सोमवार को बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली 2026 की अधिसूचना जारी की। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नई नीति कानूनी रूप से प्रभावी हो गई है।

अब विभागीय स्तर पर टोल वसूली से संबंधित आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों को नई व्यवस्था के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए जाएंगे।

टोल नीति से जुड़ी आगे की प्रक्रिया

आने वाले समय में यह तय किया जाएगा कि किन-किन सड़कों, पुलों और अन्य परियोजनाओं पर टोल लगाया जाएगा। इसके अलावा टोल की दर, वसूली एजेंसी और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सरकार की योजना है कि टोल वसूली व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

नई टोल नीति को बिहार के सड़क विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जहां सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, वहीं सड़क परियोजनाओं के रखरखाव में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि राज्य में टोल प्लाजा की स्थापना और शुल्क वसूली की प्रक्रिया कब से शुरू होती है।

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