
Bihar बिहार: बिहार की राजनीति में आगामी विधान परिषद चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य की 10 विधान परिषद सीटें जून में खाली होने जा रही हैं, जिसके बाद नई नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के विधान परिषद (MLC) के लिए चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार को हाल ही में पहली बार बिहार राज्य कैबिनेट में शामिल किया गया था, जिसके बाद अब उनके ऊपरी सदन यानी विधान परिषद में प्रवेश की चर्चा और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उन्हें राजनीतिक रूप से धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का नाम भी विधान परिषद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल है। दोनों नामों को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है।
जानकारी के अनुसार, राज्य विधान परिषद की कुल 10 सीटें जून में रिक्त होंगी। इनमें से नौ सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है, जबकि एक सीट पहले से खाली है। यह सीट तब खाली हुई जब नीतीश कुमार ने 30 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था।
चुनाव प्रक्रिया की घोषणा मई के अंत तक होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद नामांकन और मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे नए सदस्यों का चयन किया जाएगा।
इसी बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने दावा किया है कि बिहार कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी दो अलग-अलग नोटिफिकेशन में JD(U) के वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के उपमुख्यमंत्री पदों को एडजस्ट किया गया है। उन्होंने इसे प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन से जुड़ा कदम बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधान परिषद चुनाव बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि यह न केवल सत्ता समीकरण को प्रभावित करते हैं बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति का संकेत भी देते हैं।
निशांत कुमार और दीपक प्रकाश के नामों को लेकर चल रही चर्चा को राजनीतिक परिवारवाद और संगठनात्मक संतुलन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी स्तर पर लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल इन नामों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, बिहार की राजनीति में और भी बड़े राजनीतिक समीकरण सामने आने की संभावना है।





