Bihar: खनन विभाग के निरीक्षकों पर उठे गंभीर सवाल, जांच जारी

पटना: खनन विभाग में सबकुछ सही नहीं चल रहा था यह चर्चा बार - बार उठ रहा था । मुख्य सचिव से लेकर ज़िलाधिकारी तक शिकायतों की अंबार लग गयी थी । इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर महज ख़ानापूर्ति किया जा रहा था । राजस्व की क्षति को देखते सरकार ने ईओयू को जांच सौंप दिया है । अपर पुलिस महानिदेशक नैय्यर हसनैन खां ने अवैध बालू भंडारण की जांच के लिए टीम गठित किया है । बुधवार ने ईओयू की गठित टीम व पटना पुलिस ने संयुक्त रूप से मनेर के सुअर मरवा एवं अन्य जगहों पर छापेमारी किया । इस क्रम में 400 बालू ट्रक को जब्त किया गया है । इसके बाद यह कहना की पटना जिला खनन में सबकुछ बेहतर चल रहा था , कई सवाल खड़ा कर रहा है । सूत्रों की मानें तो अवैध बालू खनन और भंडारण के पीछे तत्कालीन खनन निरीक्षक प्रीतम कुमार का शामिल थे और लाख शिकायतों के बाद कोई कार्रवाई नहीं किया था ।
ईओयू के अनुसार सुरमरवा निवासी बालू माफिया रणवीर राय के कई ठिकानों पर रेड हुई । 2 -3 किलोमीटर तक अवैध बालू भंडारण मिला है । मनेर और बिहटा थाने में प्राथमिकी दर्ज किया गया है । खनन विभाग की भूमिका संदिग्ध है यह तो ईओयू के छापेमारी के बाद स्पष्ट हो गया है ।ईओयू ने जिला और अनुमंडल में गठित टास्क फोर्स के कार्य - व्यवस्था पर संदेह जताया है ।
सूत्रों की मानें तो सबसे अधिक अवैध बालू भंडारण बिक्रम के एन एच 139 पर है । अवैध भंडारण तो भरमार हैं ही , के लाइसेंस पर भी मात्रा से अधिक बालू का अवैध भंडारण किया गया है एवं चालान से अत्यधिक बालू का भंडारण है । रानीतलाब थाना के कटारी से लेकर धाना निसरपुरा तक सोन तलहटी इलाक़े में करोड़ो का अवैध बालू रखा गया है ।चुकी बालू घाट संख्या 11 तीन माह पहले ही एम टी खत्म होने पर बंद कर दिया गया था परंतु अवैध खनन लगातार किया जा रहा है । बालू माफियाओं के हरकत की बात करें तो एफ़आइआर के बाद जब्त बालू को भी मिलीभगत से करोड़ों का बालू बेच दिया गया है । दुल्हिनबाजार के सदाबह रोड में भी अवैध बालू का भंडारण बड़े पैमाने पर है । इसको लेकर डीएसपी -2 उमेश्वर चौधरी ने जिला - प्रशासन को पत्र लिखा था ।अब देखना है की ईओयू और सरकार क्या कार्रवाई करती है । अवैध बालू कारोबार में एनआईसी की भूमिका संदिग्ध है ।





