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Bihar बिहार: राजधानी पटना में होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को लेकर कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए इंडी गठबंधन की ताकत और बिहार की जनता के बदलते मूड का जिक्र किया। देसाई ने कहा कि हाल के दिनों में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इंडी गठबंधन ने बिहार में प्रभावी जनसंपर्क अभियान चलाया है। उन्होंने 20 दिनों की 'वोट अधिकार यात्रा' का जिक्र करते हुए कहा, “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने मिलकर बिहार में जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब अमित शाह से पूछा जाता है कि राहुल गांधी ने यह यात्रा किसके लिए की, तो उनके कार्यकर्ता इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़ते हैं।
लालजी देसाई ने दावा किया कि बिहार का माहौल अब बदल चुका है और सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का प्रभाव 80 प्रतिशत है, जबकि नरेंद्र मोदी और अमित शाह 20 प्रतिशत पर सिमट गए हैं। उन्होंने कहा, “बिहार में खेल पलट चुका है। नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों का समय अब खत्म हो चुका है। इंडी गठबंधन का दौर शुरू हो गया है और बिहार की जनता इसका स्वागत कर रही है। लालजी देसाई ने यह भी कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक का मकसद गठबंधन को कमजोर करना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को उठाना और संगठन को मजबूत करना है। हर पार्टी को जनता के मुद्दों पर ध्यान देना होगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन दिल्ली, बिहार, गुजरात और देश के अन्य हिस्सों में जनता की समस्याओं को उठाने के लिए सक्रिय हैं।
भाजपा पर निशाना साधते हुए लालजी देसाई ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम और अन्य समुदायों के बीच नफरत फैलाने की उनकी पुरानी रणनीति अब काम नहीं करेगी। भाजपा की पुरानी चाल है कि लोगों को लड़ाओ और राज करो। मेरा मानना है कि उनकी यह रणनीति अब चलने वाली नहीं है। राजद नेता तेजस्वी यादव को अभी तक इंडी गठबंधन का चेहरा घोषित न किए जाने पर उठ रहे सवालों पर लालजी देसाई ने कहा, “ये सवाल सूत्रों के हवाले से उठाए जा रहे हैं, लेकिन इन सूत्रों की सच्चाई क्या है, इसे ढूंढ निकालिए। ऐसी गलतियां हमसे नहीं होंगी।”
बिहार के सीएम नीतीश कुमार के एनडीए में वापसी की संभावना पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर बिहार की जनता नीतीश कुमार का स्वागत नहीं करती, तो हमसे यह सवाल क्यों पूछा जा रहा है? कांग्रेस और इंडी गठबंधन का फोकस जनता के मुद्दों पर है और बिहार में सीडब्ल्यूसी की बैठक इसका एक हिस्सा है। बिहार की जनता बदलाव के लिए तैयार है और इंडी गठबंधन उनकी आवाज बनेगा।"
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