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Patna पटना: बिहार में शराब नीति को लेकर राजनीतिक बहस फिर से गर्मा गई है। राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव के बयान के बाद कि अगर वे मुख्यमंत्री बने तो शराब की बिक्री पर कुछ छूट दी जा सकती है, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के राज्यसभा सांसद राम नाथ ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
राम नाथ ठाकुर ने कहा, "...जब वे मुख्यमंत्री बनेंगे तो (शराब की बिक्री) चालू कर देंगे।" उन्होंने इसे राज्य में कानून और व्यवस्था की समस्या के रूप में देखा और कहा कि शराब नीति का यह मुद्दा सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से संवेदनशील है। ठाकुर ने यह भी संकेत दिया कि शराब नीति को लेकर राजद के रुख से बिहार में समाजिक विवाद बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले शराब नीति जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का अहम हिस्सा बन जाते हैं। RJD का यह बयान पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जबकि NDA इसे राज्य में कानून व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता के दृष्टिकोण से आलोचना कर रही है।
बिहार में शराब पर सख्त नियंत्रण की नीति पिछले वर्षों में लागू रही है और इसे जनता के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। तेजस्वी यादव के बयान से यह बहस फिर से शुरू हो गई है कि आगामी चुनाव में शराब नीति का मुद्दा किस तरह वोटरों को प्रभावित करेगा।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान चुनावी रणनीति के साथ-साथ राज्य के सामाजिक और आर्थिक माहौल पर भी असर डाल सकता है। राजनीतिक पार्टियां इस तरह के बयान का लाभ उठाकर अपने मतदाता आधार को मजबूत करने की कोशिश करती हैं।
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