
Bihar बिहार: बरारी श्मशान घाट मार्ग पर लंबे समय से चली आ रही जलजमाव की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए किलकारी भवन से बियाडा गेट तक नाला निर्माण की योजना को मंजूरी देते हुए 10 लाख रुपये की लागत से निविदा जारी कर दी है। इस योजना के पूरा होने के बाद बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को सुधारना और स्थानीय लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी को कम करना है।
बरारी श्मशान घाट रोड पर बरसात के दिनों में लगातार जलभराव की समस्या बनी रहती थी, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्मशान घाट जाने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सड़क पर पानी जमा होने से बाधित बाधित होता था और कई बार स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी।
स्थानीय महापौर सिंपी कुमारी ने इस समस्या को कई बार नगर निगम की देखरेख में उठाया था। उन्होंने जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की थी ताकि लोगों को राहत मिल सके। इसके साथ ही अन्य पदाधिकारियों ने भी इस मार्ग पर खराब जल निकासी व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी।
परिवहनों के लगातार दबाव और कटौती के बाद नगर निगम प्रशासन ने मामले को देनदारी से लिया। इसके बाद नगर आयुक्त ने संबंधित बस्तियों के साथ समीक्षा की और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाला निर्माण के लिए निविदा जारी करने का निर्णय लिया।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित नाला निर्माण योजना के तहत बरारी श्मशान घाट मार्ग पर वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित की जाएगी। इससे बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा नहीं होगा और यातायात सामान्य रूप से चलेगा।
नगर निगम ने बताया कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाली बारिश के मौसम से पहले अधिक से अधिक कार्य पूरा कर लिया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान जल्द मिलेगा। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इस मार्ग पर जलभराव के कारण काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब इस परियोजना से स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि शहर के अन्य जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों की भी समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर वहां भी इसी तरह की योजनाएं लागू की जा रही हैं।
नगर निगम का गठन है कि छोटे-छोटे ढांचे के सुधार से शहर की जल निकासी व्यवस्था को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।
यदि निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और जल्द ही पेयजल का चयन कर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।





