बिहार
बिहार: 'संघ की शाखा की तरह ही होती थी पीएफआई की ट्रेनिंग', पटना एसएसपी के बयान पर भड़की भाजपा, मांगा इस्तीफा
Kajal Dubey
15 July 2022 12:29 AM IST

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बिहार के पटना में स्थित फुलवारीशरीफ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दफ्तर पर पुलिस ने गुरुवार को छापेमारी के बाद कई बड़े खुलासे किए हैं। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों कुछ ऐसा बयान दे गए, जो कि अब विवादों में है। दरअसल, उन्होंने पीएफआई के ट्रेनिंग मॉड्यूल की जानकारी देते हुए कहा था कि इनका तरीका बिल्कुल आरएसएस की शाखा की तरह था। अब इस पर भाजपा ने ढिल्लों को चेतावनी दी है कि वे या तो बयान पर माफी मांगें या पद से इस्तीफा दे दें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या था एसएसपी का पूरा बयान?
पटना के एसएसपी ने पीएफआई दफ्तर पर छापों को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था- "इसका जो मोडस था कि ये लोग, जैसे शाखा होती है, आरएसएस अपनी शाखा ऑर्गेनाइज करते हैं, और लाठी की ट्रेनिंग देते हैं, उसी तरह से ये लोग शारीरिक शिक्षा के नाम पर युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे थे। उसी के साथ अपना एजेंडा और प्रोपेगेंडा के जरिए युवकों का ब्रेनवाश कर रहे थे।"
एसएसपी के बयान पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया?
एसएसपी के इसी बयान को लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा है। भाजपा पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को राजनीति और वैचारिक प्रभाव से ऊपर माना जाता है। पटना एसएसपी का पीएफआई की आरएसएस से तुलना करने वाला बयान शर्मनाक है। इसकी निंदा होनी चाहिए। इन अधिकारियों के पास कोई पूर्वाग्रह और पूर्वकल्पित धारणा नहीं होनी चाहिए। वे माफी मांगे और राजनीति करना है तो इस्तीफा दें।"
पीएफआई से जुड़े दो लोगों की हुई गिरफ्तारी
गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने पटना के फुलवारीशरीफ इलाके से चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के साथ संबंधों के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए ''भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकी मॉड्यूल'' का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। फुलवारी शरीफ के अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया था कि बुधवार देर रात झारखंड के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पीएफआई से जुड़े हैं।'' उन्होंने यह भी जानकारी दी थी कि जलालुद्दीन पहले स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जुड़ा था।
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