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Bihar News : माँ की ममता : 200 दिन बाद मां ने नवजात को जिंदा ढूंढ़ निकाला

Uma Verma
1 April 2025 11:07 AM IST
Bihar News : माँ की ममता : 200 दिन बाद मां ने नवजात को जिंदा ढूंढ़ निकाला
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बिहार | यह घटना एक गहरी मानवीय भावना और मातृत्व के अनोखे संकल्प की कहानी बन गई है। पश्चिम बंगाल के एक छोटे से शहर में एक महिला ने वह संघर्ष किया, जिसे शायद कोई भी कल्पना नहीं कर सकता। अस्पताल ने उसे बताया कि उसका नवजात बच्चा मर चुका है, लेकिन मां की ममता और उसकी निरंतर कोशिश ने अंतत: सच को सामने ला दिया।

सब कुछ उस वक्त शुरू हुआ, जब महिला ने एक सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताई और कुछ ही घंटों बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर महिला और उसके परिवार के लिए एक भारी सदमा थी, लेकिन मां के दिल में अपने बच्चे के लिए गहरी उम्मीद और प्यार था, जिसे वह स्वीकार नहीं कर पा रही थी।

मां ने यह विश्वास नहीं किया कि उसका बच्चा सचमुच मर चुका है, और उसने अपने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। वह अस्पताल से लेकर आसपास के विभिन्न चिकित्सा केंद्रों और अनाथ आश्रमों तक गई, लेकिन हर जगह उसे यही बताया गया कि उसका बच्चा मृत था।

लेकिन ममता के सामने किसी भी मुश्किल की कोई अहमियत नहीं थी। महिला ने लगभग 200 दिनों तक निरंतर खोज जारी रखी। इस दौरान उसने स्थानीय पुलिस से भी मदद ली और कई अस्पतालों में दस्तावेजों की जांच की।

अंत में, महिला को एक अनाथालय से सूचना मिली कि एक बच्चा अस्पताल से लापता था और उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। उसे विश्वास हुआ कि यह वही बच्चा हो सकता है। जब उसने अस्पताल से मिलाकर जांच की, तो पाया कि वह बच्चा जिंदा था और अस्पताल ने गलती से उसे मृत घोषित कर दिया था।

अस्पताल और डॉक्टरों की इस गलती ने सवाल खड़ा किया है कि कैसे एक नवजात को गलत तरीके से मृत घोषित किया जा सकता है। यह घटना चिकित्सीय प्रणाली की जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है। इसने यह साबित किया कि एक मां का प्यार और संकल्प किसी भी हालत में हार नहीं मानते।

महिला ने कहा, "मुझे कभी विश्वास नहीं हुआ कि मेरा बच्चा मर चुका है। मेरा दिल कहता था कि वह कहीं न कहीं जिंदा है और मुझे उसे ढूंढ़ निकालना है।"

अब जब बच्चे को उसकी मां के पास वापस लाया गया है, तो यह कहानी न केवल एक महिला की जिद और ममता की जीत है, बल्कि समाज को यह भी सिखाती है कि कभी-कभी, मानवता और सच्चाई की खोज में हमें अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए।

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