
Bihar बिहार: कोसी क्षेत्र में मशरूम और इसके उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार और कृषि विभाग ने उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों को मशरूम खेती के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान देने की व्यवस्था की गई है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी खेती से जुड़ सकें।
कृषि विभाग के अनुसार, मशरूम की बाजार में लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले वैकल्पिक कृषि मॉडल के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। कम लागत और कम जमीन में अधिक उत्पादन की क्षमता के कारण यह खेती किसानों के लिए आय का अच्छा स्रोत बनती जा रही है।
इसी कड़ी में स्थानीय स्तर पर कृषि अनुसंधान केंद्र, अगवानपुर में उन्नत किस्म के मशरूम बीज उत्पादन की भी तैयारी की गई है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करना है।
अधिकारियों का कहना है कि उन्नत बीज उत्पादन से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली बेहतर किस्में भी किसानों को मिल सकेंगी। इससे मशरूम की गुणवत्ता में सुधार होगा और बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिसमें मशरूम उत्पादन की तकनीक, देखभाल, पैकेजिंग और विपणन से जुड़ी जानकारी शामिल है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही तकनीक अपनाकर किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
स्थानीय किसानों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई किसानों ने अनुदान योजना के तहत आवेदन करना शुरू कर दिया है और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग ले रहे हैं।
कृषि विभाग का कहना है कि आने वाले समय में कोसी क्षेत्र को मशरूम उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है। इसके लिए उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, 90 प्रतिशत अनुदान और स्थानीय बीज उत्पादन की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





