
Bihar बिहार: जिला मुख्यालय में प्रस्तावित मॉडल बस पड़ाव (बस स्टैंड) के लिए जमीन चयन का कार्य पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस देरी के चलते शहर में आधुनिक बस पड़ाव बनाने की महत्वाकांक्षी योजना अब पटरी से उतरती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार, पहले शहर के राजेंद्र बस पड़ाव को मॉडल बस पड़ाव के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और बस संचालन व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देना था।
इसके लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से एक विस्तृत योजना भी तैयार की गई थी। योजना के तहत बस पड़ाव में यात्री सुविधाओं का विस्तार, बेहतर प्रतीक्षालय, पार्किंग व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जानी थीं।
हालांकि, परियोजना को जमीन की कमी के कारण मंजूरी नहीं मिल सकी। मौजूदा स्थान पर्याप्त न होने की वजह से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बाद नए स्थान की तलाश शुरू की गई, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद अभी तक कोई उपयुक्त जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी है।
प्रशासनिक स्तर पर कई बार बैठकों और प्रस्तावों के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। इस कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगातार विलंबित होती जा रही है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि वर्तमान बस पड़ाव पर सुविधाओं की कमी है और भीड़भाड़ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मॉडल बस पड़ाव की योजना से बड़ी उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन देरी के कारण निराशा बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जमीन चयन और निर्माण प्रक्रिया पूरी कर ली जाती, तो शहर की परिवहन व्यवस्था में काफी सुधार आ सकता था। अब परियोजना में लगातार हो रही देरी से लागत और योजना दोनों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपयुक्त जमीन का चयन और परियोजना को पुनः गति देना है, ताकि लंबे समय से अटकी यह योजना धरातल पर उतर सके और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।





