
Bihar बिहार: बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत सभी सरकारी कर्मचारियों को हर तीन महीने में अपने परिवार के साथ राज्य के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर यात्रा करनी होगी और वहां के विकास एवं प्रचार को लेकर रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। अधिकारियों ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी।
जारी आदेश के अनुसार यह यात्रा शुक्रवार और शनिवार को निर्धारित की जाएगी। इस दौरान कर्मचारियों को कम से कम तीन पर्यटन स्थलों का दौरा करना अनिवार्य होगा और उन्हें रात वहीं रुकना भी होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी यात्रा अवधि को आधिकारिक ड्यूटी माना जाएगा।
20 मई को जारी एक पत्र में, जो डिविजनल कमिश्नर, विभाग प्रमुखों, एसपी और डीएम को भेजा गया था, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामान्य प्रशासन) बी. राजेंद्र ने इस निर्देश की जानकारी दी। पत्र में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी अपने परिवार के साथ दो दिन और दो रात तक अपने गृह जिले के बाहर स्थित पर्यटन, इको-टूरिज्म या ग्रामीण पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे।
सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, कर्मचारियों को अपने अनुभव के आधार पर इन स्थलों के प्रचार और सुधार से जुड़े सुझाव भी देने होंगे।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि सभी कर्मचारी अपने दौरे के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें वे बताएंगे कि किन तरीकों से इन पर्यटन स्थलों को अधिक आकर्षक और विकसित किया जा सकता है।
इस फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। विभागों को निर्देशों के पालन और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाने को कहा गया है।
फिलहाल यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है और माना जा रहा है कि इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।





