
Bihar बिहार: चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अब रिटायर्ड जज ने शुरू कर दी है। जांच की शुरुआत के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों ने कई गंभीर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जांच प्रक्रिया के दौरान परिवार ने विशेष रूप से भोजपुर एसपी के मोबाइल की जांच कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत और बातचीत की जांच जरूरी है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
इस पर रिटायर्ड जज ने दावा किया कि मामले से जुड़े सभी लोगों के मोबाइल की जांच की जाएगी और किसी भी स्तर पर असर नहीं बरती जाएगी। उन्होंने परिवार से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जांच का उद्देश्य केवल सही दबाव को सामने लाना है और इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों से सहयोग जरूरी है।
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि मामले में पहले दर्ज दस्ते में बदलाव किए गए हैं। परिवार ने सवाल उठाया है कि दस्ते से नाम हटाए जाने का आधार क्या है और इसके पीछे क्या प्रमाण मौजूद हैं।
भोजपुर पुलिस की ओर से लगातार पूछताछ और दस्तावेजी प्रक्रिया जारी रहने के कारण परिवार में असंतोष और चिंता का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि बार-बार पुलिस और प्रशासन के आने-जाने से उन्हें मानसिक परेशानी हो रही है।
परिवार ने यह भी धमकी दी है कि दस्ते में भरत तिवारी के पिता और भाई के नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे मामले की इंटर्नशिप पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवाही, मोबाइल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
यदि यह मामला जांच के शुरुआती चरण में है और सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में पूरे प्रकरण की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और निष्पक्ष तरीकों से आगे बढ़ाई जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।





