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बिहार हवलदार अनुदेशक परीक्षा लीक केस: EOU ने तीन संदिग्धों को पकड़ा, जांच जारी

Ratna Netam
1 Aug 2026 7:43 PM IST
बिहार हवलदार अनुदेशक परीक्षा लीक केस: EOU ने तीन संदिग्धों को पकड़ा, जांच जारी
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पटना : बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के अधिनायक अनुदेशक यानी हवलदार अनुदेशक भर्ती परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राज समदर्शी उर्फ राजा, अभिषेक कुमार और बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार शामिल हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में परीक्षा की गोपनीयता भंग करने, प्रश्नपत्र लीक करने और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में केवल गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

ईओयू की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि आर्थिक अपराध थाना में 30 जुलाई को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की धाराओं 10 और 11(1) के तहत की गई है। प्राथमिकी हवलदार अनुदेशक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अवैध तरीके से मदद पहुंचाने के आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में पटना जिले के विक्रम थाना क्षेत्र के करसा निवासी राज समदर्शी उर्फ राजा, वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के सेदपुर रजौली निवासी अभिषेक कुमार और वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र के कटरा निवासी नितेश कुमार शामिल हैं। इनमें नितेश कुमार परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बायोमीट्रिक सत्यापन कार्य में सुपरवाइजर के रूप में तैनात था।

ईओयू अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक की साजिश कब और कैसे रची गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र या परीक्षा से जुड़ी जानकारी किस माध्यम से पहुंचाई गई। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर सरकार और जांच एजेंसियां लगातार सख्ती बरत रही हैं। इसी क्रम में बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू किया गया है, जिसके तहत परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी भी तरह की गड़बड़ी से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ता है। इसलिए जांच एजेंसी इस मामले में हर स्तर पर जांच कर रही है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

ईओयू ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसी की टीमें संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही हैं और परीक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पूरे पेपर लीक नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश जारी है।

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