
Bihar: बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास और ग्राम स्वराज को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में हर महीने के अंतिम रविवार को “पंचायत विकास दिवस” मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाना और पारदर्शिता को मजबूत करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत पंचायत विकास दिवस का आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। इसमें पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम सभा के सदस्य, महिलाएं, युवा और अन्य ग्रामीण शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान पंचायत से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं और स्थानीय समस्याओं पर खुलकर चर्चा की जाएगी।
योजनाओं की समीक्षा और जनता से संवाद
इस पहल के तहत पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से हो सके।
कार्यक्रम में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्ष 2030 तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पंचायत स्तर पर रणनीति तैयार की जाएगी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को लागू करने पर जोर दिया जाएगा।
मन की बात का होगा सामूहिक श्रवण
पंचायत विकास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का सामूहिक प्रसारण भी किया जाएगा। इसके लिए सभी पंचायतों को आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय मुद्दों और सामाजिक विषयों से जोड़ना है।
वित्तीय पारदर्शिता पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम में पंचायत निधि से किए गए खर्च, योजनाओं की प्रगति और उपलब्ध राशि का सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही e-Gram Swaraj और e-Panchayat पोर्टल पर दर्ज योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
इसके अलावा पंचायतों की आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके।
सार्वजनिक स्थानों पर होगा आयोजन
पंचायत विकास दिवस का आयोजन पंचायत भवन, सरकारी स्कूल, सामुदायिक भवन या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, शौचालय और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।
ग्राम स्वराज को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूती मिलेगी। इससे विकास योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।
इस तरह पंचायत विकास दिवस बिहार के ग्रामीण प्रशासन को नई दिशा देने और लोगों को विकास प्रक्रिया से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।





