
Bihar बिहार: राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बिहार सरकार उद्योग जगत के साथ लगातार संवाद स्थापित कर रही है। उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार की प्राथमिकता मौजूदा उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की समस्याओं को हल करना है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक वर्तमान उद्योगपतियों की चुनौतियों का समाधान नहीं होगा, तब तक नए निवेशकों को राज्य में आकर्षित करना आसान नहीं होगा। उनका कहना था कि बिहार में औद्योगिक वातावरण को सुधारने और निवेशकों के लिए अनुकूल बनाने के लिए यह कदम अहम है।
गुरुवार को जिला उद्योग केंद्र सभागार में आयोजित बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों और स्थानीय उद्यमियों ने हिस्सा लिया। बैठक में उद्योगों की वर्तमान स्थिति, उनकी चुनौतियों और विकास के अवसरों पर चर्चा की गई। मंत्री श्रेयसी सिंह ने उद्यमियों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्यमियों के लिए कई योजनाएं और प्रोत्साहन तैयार किए हैं, लेकिन वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उनके सामने आने वाली रोज़मर्रा की बाधाओं और प्रक्रियात्मक परेशानियों का समाधान हो। उन्होंने यह भी कहा कि एमएसएमई सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसे सशक्त बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक के दौरान उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न औद्योगिक समस्याओं, जैसे कच्चे माल की आपूर्ति, बिजली और पानी की स्थिरता, वित्तीय सहायता, और सरकारी प्रक्रियाओं में देरी के मुद्दों को उठाया। मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लिया और जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार लगातार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ संवाद में लगी हुई है। उनका कहना था कि समस्या समाधान के साथ-साथ सरकार उद्योग क्षेत्र में पारदर्शिता, सुगमता और निवेश अनुकूल नीतियों पर भी काम कर रही है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नियमित अंतराल पर उद्यमियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि उनकी समस्याओं को सुनने और हल करने की प्रक्रिया तेज़ी से चल सके। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए वातावरण को आसान बनाने और उद्योगों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
इस बैठक ने यह संकेत दिया कि बिहार सरकार उद्योगपतियों के साथ सक्रिय संवाद के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।





