
Bihar बिहार: राज्य ब्यूरो, पटना के अनुसार बिहार सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अब ढाबों, होटलों, मोटलों और पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को आसान बनाना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।
सरकार की इस योजना से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक चार्जिंग स्टेशनों की सीमित उपलब्धता के कारण यात्रियों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन नए नेटवर्क के विस्तार से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
योजना के तहत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबों और अन्य व्यावसायिक स्थलों को चार्जिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर भी आधुनिक ईवी चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पारंपरिक ईंधन और इलेक्ट्रिक दोनों विकल्प एक ही स्थान पर मिल सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता भी घटेगी।
सरकार का मानना है कि जैसे-जैसे ईवी की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे मजबूत चार्जिंग नेटवर्क की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक और निजी भागीदारी के माध्यम से इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
ढाबा, होटल और पेट्रोल पंप संचालकों को भी इस योजना में शामिल करने की तैयारी है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। साथ ही यात्रियों को सड़क यात्रा के दौरान आसानी से चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, आने वाले समय में राज्य के प्रमुख शहरों और हाईवे नेटवर्क पर ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी की जाएगी।
इस पहल को बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य को स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की ओर आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।





