
बिहार | प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामले में की गई। छापेमारी के दौरान ED को बड़ी मात्रा में नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े कागजात मिले हैं।
छापेमारी कहां-कहां हुई?
जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी मुख्य अभियंता के पटना स्थित आवास, दफ्तर और उनके करीबी रिश्तेदारों के ठिकानों पर एक साथ की गई। ED की टीम ने सुबह से ही छापा मारने की रणनीति तैयार की थी, ताकि कोई भी सबूत नष्ट न किया जा सके।
क्या-क्या मिला?
सूत्रों के अनुसार, ED को छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। अफसर के रिश्तेदारों के घरों पर भी ED की टीम पहुंची और वहां से भी कई महत्वपूर्ण फाइलें बरामद हुई हैं।
भ्रष्टाचार का क्या है मामला?
ED को संदेह है कि मुख्य अभियंता ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया और बदले में बड़ी रिश्वत ली। कई अवैध लेन-देन हवाला के जरिए किए जाने की भी आशंका है। जांच एजेंसी अब इन पैसों की ट्रेल को खंगाल रही है।
अधिकारियों का बयान
ED के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए की गई है। "हमें कई अहम सुराग मिले हैं और आगे की जांच जारी है। अगर जरूरत पड़ी तो अभियंता और उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जाएगी।"
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
अब ED इस मामले में अभियंता और उनके परिवार के बैंक खातों की गहराई से जांच करेगी। इसके अलावा, उनके पिछले वर्षों के लेन-देन और आय के स्रोतों की भी जांच की जाएगी। अगर भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मिलते हैं, तो जल्द ही गिरफ्तारी भी हो सकती है।
भ्रष्टाचार पर शिकंजा
बिहार में हाल ही में भ्रष्टाचार के कई मामलों में ED और अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। इससे पहले भी कई अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ जांच हो चुकी है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह जांच पूरी होने के बाद साफ होगा।





