बिहार

छठ महापर्व पर समस्तीपुर रेल मंडल की बड़ी तैयारी, स्टेशनों पर बनेंगे अस्थायी होल्डिंग एरिया

Kavita2
30 Sept 2026 5:42 PM IST
छठ महापर्व पर समस्तीपुर रेल मंडल की बड़ी तैयारी, स्टेशनों पर बनेंगे अस्थायी होल्डिंग एरिया
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समस्तीपुर। छठ महापर्व के दौरान रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समस्तीपुर रेल मंडल ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर 16 से 25 नवंबर तक अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर अनियंत्रित भीड़ से बचाना और उन्हें सुरक्षित तरीके से ट्रेनों तक पहुंचाना है।

रेल प्रशासन के अनुसार छठ के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। खासकर पर्व से पहले और बाद के दिनों में स्टेशनों पर अचानक बड़ी भीड़ जमा हो जाती है। इसी स्थिति से निपटने के लिए इस बार प्रमुख स्टेशनों पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाने की योजना तैयार की गई है।

व्यवस्था के तहत स्टेशन परिसर या उसके आसपास निर्धारित स्थान पर यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका जाएगा। संबंधित ट्रेन के आने और प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के बाद यात्रियों को अलग-अलग समूहों में चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म की ओर भेजा जाएगा।

रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा। यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने से भगदड़ जैसी स्थिति का खतरा भी कम होगा।

छठ महापर्व बिहार के सबसे बड़े पर्वों में शामिल है। देश के विभिन्न शहरों में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग इस अवसर पर अपने घर लौटते हैं। दिल्ली, मुंबई, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों से आने वाली ट्रेनों में यात्रियों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

पर्व खत्म होने के बाद भी बड़ी संख्या में यात्री वापस अपने काम वाले शहरों की ओर लौटते हैं। इसी कारण रेलवे को छठ से पहले और बाद दोनों अवधि में विशेष व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं।

समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी। होल्डिंग एरिया में यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था की जा सकती है, ताकि एक ही जगह पर जरूरत से ज्यादा लोग एकत्रित न हों।

करीब 50 लाख रुपये की लागत वाली इस व्यवस्था में यात्रियों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। अस्थायी होल्डिंग क्षेत्र में प्रकाश, पेयजल और बैठने जैसी सुविधाओं की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है।

इसके अलावा यात्रियों को ट्रेनों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए लगातार उद्घोषणा की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर पहले से जाकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

रेलवे की योजना है कि जिस ट्रेन का समय नजदीक होगा, उसके यात्रियों को पहले प्लेटफॉर्म पर भेजा जाए। अन्य ट्रेनों के यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रखा जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म पर केवल जरूरत के अनुसार ही यात्रियों की मौजूदगी रहेगी।

छठ के दौरान अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे यात्रियों को नियंत्रित तरीके से ट्रेन तक पहुंचाना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती होती है।

स्टेशन परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे सुरक्षा बल और अन्य कर्मचारियों की तैनाती भी बढ़ाई जा सकती है। प्रवेश द्वार, फुट ओवरब्रिज, टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

होल्डिंग एरिया में यात्रियों को उनकी ट्रेन के अनुसार अलग-अलग हिस्सों में रखने की व्यवस्था भी की जा सकती है। इससे ट्रेन आने पर संबंधित यात्रियों को तेजी से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जा सकेगा।

रेल प्रशासन स्टेशन पर आने वाले यात्रियों से भी निर्धारित व्यवस्था का पालन करने की अपील करेगा। अनावश्यक रूप से प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक रुकने से भीड़ का दबाव बढ़ता है।

विशेष रूप से परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा तथा सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ के कारण टिकट काउंटर और प्रवेश द्वार पर भी लंबी कतारें लगती हैं। इसे देखते हुए कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती और कतार प्रबंधन की व्यवस्था भी की जा सकती है।

अधिकारियों की कोशिश है कि स्टेशन के भीतर यात्रियों की आवाजाही एक दिशा में व्यवस्थित रहे। इससे आमने-सामने आने वाली भीड़ और फुट ओवरब्रिज पर अतिरिक्त दबाव को कम किया जा सकता है।

रेलवे ट्रेनों की आवाजाही और प्लेटफॉर्म आवंटन पर भी लगातार नजर रखेगा। ट्रेन के प्लेटफॉर्म में अचानक बदलाव की स्थिति में यात्रियों को तुरंत सूचना देना जरूरी होगा, ताकि एक साथ बड़ी भीड़ दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर न दौड़े।

इस व्यवस्था में निगरानी कैमरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में भीड़ की स्थिति देखकर नियंत्रण कक्ष से कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए जा सकते हैं।

छठ के दौरान रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त फेरों की व्यवस्था भी आमतौर पर की जाती है। हालांकि समस्तीपुर मंडल का मौजूदा फोकस प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ नियंत्रण पर है।

16 नवंबर से शुरू होने वाली अस्थायी व्यवस्था 25 नवंबर तक जारी रखने की तैयारी है। यह समय छठ पर्व से पहले यात्रियों के आगमन और पर्व के बाद वापसी के दबाव को ध्यान में रखकर तय किया गया है।

होल्डिंग एरिया तैयार होने के बाद रेल अधिकारी इसकी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। जहां किसी तरह की कमी मिलेगी, वहां पर्व से पहले सुधार किया जाएगा।

रेल प्रशासन की कोशिश है कि यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से लेकर ट्रेन में सवार होने तक किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो।

करीब 50 लाख रुपये की इस योजना के जरिए समस्तीपुर रेल मंडल पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ को व्यवस्थित करने को दे रहा है।

फिलहाल प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 16 से 25 नवंबर के बीच इनका उपयोग किया जाएगा और ट्रेनों के आगमन तथा प्लेटफॉर्म की क्षमता को देखते हुए यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जाएगा।

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