बिहार

मछली पालकों के लिए बड़ा अवसर, सहरसा में खुलेगा फीड उत्पादन केंद्र

nidhi
28 Sept 2026 10:15 AM IST
मछली पालकों के लिए बड़ा अवसर, सहरसा में खुलेगा फीड उत्पादन केंद्र
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मछली पालन से कमाई का नया मौका
सहरसा: बिहार के सहरसा जिले में मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है। जिले के नवहट्टा प्रखंड में आधुनिक मछली चारा निर्माण प्लांट (फीड मिल) स्थापित किया जाएगा। इस योजना से स्थानीय मत्स्यपालकों को बेहतर गुणवत्ता वाला चारा आसानी से उपलब्ध होगा और उत्पादन लागत कम होने की उम्मीद है।
मत्स्य विभाग की योजना के तहत सहरसा में पहले चरण में करीब 30 लाख रुपये की लागत से फिश फीड मिल स्थापित की जा रही है। इसके अलावा आने वाले समय में जिले के अन्य संभावित क्षेत्रों में भी चारा और बर्फ निर्माण इकाइयां लगाने की योजना है। इससे मछली पालकों को जरूरी संसाधन स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगे।
60 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी
मछली चारा निर्माण प्लांट लगाने वाले उद्यमियों और मत्स्यपालकों को सरकार की ओर से बड़ी राहत दी जा रही है। योजना के तहत प्लांट की कुल लागत पर 60 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान देने का प्रावधान है। आधुनिक फीड मिल लगाने में सामान्य तौर पर करीब 40 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। सब्सिडी मिलने से छोटे और मध्यम स्तर के मत्स्यपालकों को अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर चारा उत्पादन शुरू होने से दूसरे राज्यों या दूर के बाजारों से चारा मंगाने की जरूरत कम होगी।
वैज्ञानिक तरीके से तैयार होगा पौष्टिक चारा
मछलियों के बेहतर विकास के लिए संतुलित आहार जरूरी होता है। इस प्लांट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और अन्य पोषक तत्वों को मिलाकर वैज्ञानिक तरीके से मछली का चारा तैयार किया जाएगा। चारा बनाने में चावल की भूसी, सोयाबीन, मूंगफली और सरसों की खली, मक्का, गेहूं का आटा, नमक और गुड़ जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे मछलियों की वृद्धि बेहतर होगी और पालकों को समय पर उत्पादन का लाभ मिल सकेगा।
मत्स्यपालकों को मिलेगा सीधा फायदा
स्थानीय स्तर पर फीड मिल शुरू होने से मछली पालकों को कई फायदे मिलेंगे। उन्हें कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण चारा मिलेगा और परिवहन खर्च में भी कमी आएगी। समय पर चारा मिलने से मछलियों की देखभाल और उत्पादन प्रक्रिया आसान होगी। इसके साथ ही प्लांट के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। मत्स्यपालन से जुड़े लोगों को एक नई सुविधा मिलने से क्षेत्र में इस कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कैसे लगा सकते हैं चारा प्लांट?
मछली चारा प्लांट लगाने के लिए इच्छुक लोगों को मत्स्य विभाग की योजना के तहत आवेदन करना होगा। पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद अनुदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग की ओर से तकनीकी जानकारी और योजना से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकती है। सहरसा जैसे कोसी क्षेत्र में मत्स्यपालन की काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में फीड मिल और अन्य सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय किसानों और मत्स्य व्यवसायियों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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