बिहार

अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, आधा दर्जन ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

Kavita2
12 Oct 2026 12:46 PM IST
अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, आधा दर्जन ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
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जमुई। बिहार के जमुई जिले में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के निर्देश पर गरही थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दबिश दी। इस दौरान अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी से जुड़े संभावित ठिकानों को निशाना बनाया गया। पुलिस टीम ने विशनपुर, बोझायत, ताराटांड़ और गोड़ियारी सहित करीब आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी की। अभियान का नेतृत्व गरही थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर संजना कुमारी ने किया।

पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शराबबंदी कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाना है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के कारण शराब का अवैध निर्माण, भंडारण और कारोबार कानून के तहत दंडनीय है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की ओर से संबंधित गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाए जाते हैं।

एसपी विश्वजीत दयाल के निर्देश पर कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गरही थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र में अवैध शराब के संभावित ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया।

पुलिस ने उन स्थानों को अभियान में शामिल किया, जहां अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या तस्करी से जुड़ी गतिविधियां होने की आशंका थी। इस दौरान पुलिस टीम ने अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर जांच की।

अभियान का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर संजना कुमारी ने किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी।

हालांकि, अभियान के दौरान कितनी शराब बरामद हुई या किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है अथवा नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

विशनपुर से गोड़ियारी तक पुलिस की दबिश

गरही थाना पुलिस ने विशेष अभियान के तहत विशनपुर, बोझायत, ताराटांड़ और गोड़ियारी सहित करीब आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।

इन इलाकों में पुलिस टीम ने अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों की जांच के उद्देश्य से कार्रवाई की। अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी किए जाने से यह स्पष्ट है कि अभियान किसी एक जगह तक सीमित नहीं था।

पुलिस ने थाना क्षेत्र के कई हिस्सों को इस अभियान के दायरे में रखा। इसका उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण और भंडारण के साथ-साथ उसकी संभावित तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जांच करना था।

फिलहाल छापेमारी किए गए सभी स्थानों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जिन स्थानों पर पुलिस पहुंची, वहां किसी प्रकार की अवैध शराब या उससे संबंधित सामग्री मिली या नहीं।

एसआई संजना कुमारी ने संभाली अभियान की कमान

इस विशेष छापेमारी अभियान का नेतृत्व गरही थाना की सब-इंस्पेक्टर संजना कुमारी ने किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उन्होंने पुलिस टीम के साथ थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की।

अवैध शराब के खिलाफ चलाए जाने वाले ऐसे अभियानों में पुलिस टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। संभावित ठिकानों की जांच, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जैसे कार्य अभियान का हिस्सा होते हैं।

गरही थाना पुलिस ने इसी उद्देश्य से आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर दबिश दी। अभियान के दौरान पुलिस ने किन-किन स्थानों पर क्या जांच की, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

बिहार में लागू है पूर्ण शराबबंदी कानून

बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर लागू कानून के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं। शराबबंदी से संबंधित मामलों में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और उत्पाद विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। अवैध शराब के निर्माण और तस्करी को रोकने के लिए संभावित ठिकानों की जांच तथा कानून के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है।

जमुई जिले में गरही थाना पुलिस का यह अभियान भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए अभियान में कई इलाकों को शामिल किया गया।

हालांकि, किसी स्थान पर छापेमारी होने का अर्थ यह नहीं है कि वहां अवैध गतिविधि की पुष्टि हो गई है। ऐसी पुष्टि जांच और बरामद साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

अवैध शराब के निर्माण और तस्करी पर रोक लगाने का उद्देश्य

गरही थाना पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी को रोकना है। शराबबंदी लागू होने के बाद प्रतिबंधित गतिविधियों की निगरानी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

अवैध रूप से तैयार की गई शराब स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। विशेष रूप से मिलावटी या असुरक्षित तरीके से बनाई गई शराब के सेवन से विषाक्तता और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

इसलिए अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों में जागरूकता भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जमुई में चलाए गए इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने शराबबंदी कानून के अनुपालन को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है।

छापेमारी के परिणामों की जानकारी का इंतजार

गरही थाना क्षेत्र में आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद अब कार्रवाई के परिणामों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

पुलिस की ओर से कितनी शराब जब्त की गई, क्या किसी उपकरण या अन्य सामग्री की बरामदगी हुई और क्या किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, इन सवालों पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

उपलब्ध जानकारी में केवल विशेष छापेमारी अभियान, संबंधित इलाकों और अभियान का नेतृत्व करने वाले अधिकारी का उल्लेख है।

ऐसे में किसी गिरफ्तारी, बरामदगी या शराब निर्माण के अड्डे को ध्वस्त करने का दावा आधिकारिक पुष्टि के बिना नहीं किया जा सकता।

शराबबंदी को लेकर पुलिस की सख्ती

जमुई जिले में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के निर्देश पर चलाया गया यह अभियान शराबबंदी कानून के अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है।

विशनपुर, बोझायत, ताराटांड़ और गोड़ियारी सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस की दबिश का उद्देश्य अवैध शराब से संबंधित संभावित गतिविधियों की जांच करना था।

सब-इंस्पेक्टर संजना कुमारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और अभियान के परिणामों पर नजर रहेगी।

फिलहाल गरही थाना पुलिस की इस छापेमारी ने जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। अभियान के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस को कितनी सफलता मिली।

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