
Bihar बिहार: एग्री स्टैक परियोजना के तहत चल रहे फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा में भागलपुर जिले की प्रगति को नगण्य पाया गया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने संबंधित कृषि अधिकारियों को चेतावनी जारी की है।
जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, सबौर प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) को 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने इसके साथ ही उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार के निर्देशों के अनुसार, एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्य मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। इस कार्य की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव के स्तर पर की जा रही है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में आवश्यक प्रगति नहीं हुई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एग्री स्टैक परियोजना का उद्देश्य किसानों की सही जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना और उनके बैंक खाते, भूमि रिकॉर्ड और पहचान को ई-केवाईसी के माध्यम से प्रमाणित करना है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ सुनिश्चित रूप से मिल सकेगा। हालांकि, जिले में अपेक्षित गति नहीं बनाए जाने से किसानों तक सुविधा समय पर नहीं पहुंच रही है।
जिलाधिकारी ने सभी कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा में सभी किसानों की रजिस्ट्री और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सबौर प्रखंड के बीएओ को विशेष रूप से नोटिस जारी किया गया है क्योंकि उनके प्रखंड में फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्य धीमी गति से चल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे 48 घंटे के भीतर पूरी स्थिति का विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करें।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना नहीं है, बल्कि किसानों को समय पर डिजिटल सुविधा और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है। इससे यह भी संदेश जाता है कि मिशन मोड में चल रही परियोजनाओं में सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि भागलपुर जिले में किसानों की डिजिटल रजिस्ट्री और ई-केवाईसी के माध्यम से उनके डेटा का सुरक्षित प्रबंधन, कृषि सुधार और योजनाओं के सही लाभ के लिए महत्वपूर्ण है। यदि अधिकारियों ने शीघ्रता नहीं दिखाई, तो परियोजना के लक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह समीक्षा केवल प्रारंभिक है और मुख्य सचिव स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही का परिणाम व्यक्तिगत जिम्मेदारी और प्रशासनिक कार्रवाई में होगा।





