
बिहार: पूर्णिया जिले में स्थित केंद्रीय कारा परिसर के विशेष संसीमन केंद्र (Confinement Center) से एक बांग्लादेशी कैदी के फरार होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जेल अधीक्षक की शिकायत पर के. हाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस फरार कैदी की तलाश में जुट गई है।
फरार कैदी की पहचान मन्ना के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के नारायणपुर जिले का निवासी बताया जा रहा है। उसे पहले सुपौल जिले की वीरपुर पुलिस ने विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत अवैध रूप से भारत में प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत से सजा पूरी होने के बाद उसकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया चल रही थी और इसी दौरान उसे संसीमन केंद्र में रखा गया था। जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में उसे वीरपुर उपकारा से स्थानांतरित कर पूर्णिया केंद्रीय कारा के संसीमन केंद्र में लाया गया था। रविवार दोपहर करीब 2:20 बजे वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर वहां से फरार हो गया। इस घटना ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद जेल अधीक्षक मनोज कुमार ने के. हाट थाना प्रभारी को पत्र भेजकर मामला दर्ज कराया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फरार कैदी की तस्वीरें हासिल कर ली हैं, जिनकी मदद से उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने जिले के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष टीमों को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में लगाया गया है ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई। जेल कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि फरार कैदी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना न केवल जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि संवेदनशील विदेशी बंदियों की निगरानी प्रणाली की खामियों को भी उजागर करती है।





