बिहार

मधुबनी कलेक्ट्रेट भवन की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू

Kavita2
1 Oct 2026 4:57 PM IST
मधुबनी कलेक्ट्रेट भवन की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू
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मधुबनी। मधुबनी कलेक्ट्रेट भवन से जुड़ी जमीन की नीलामी को लेकर व्यवहार न्यायालय ने बिक्री उद्घोषणा जारी की है। मध्यस्थता निष्पादन वाद संख्या 03/2016 में दीवानी प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 के नियम 66 के तहत यह उद्घोषणा जारी की गई है। इसमें नगर मौजा स्थित खेसरा संख्या 4899 की जमीन को नीलामी के लिए चिह्नित किया गया है। इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट भवन से जुड़ी जमीन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जारी उद्घोषणा के अनुसार संबंधित जमीन नगर मौजा में स्थित है। कुल 10 कट्ठा भूखंड में से दक्षिणी हिस्से की 2 कट्ठा 5 धुर 67 धुरकी जमीन को नीलामी प्रक्रिया के दायरे में रखा गया है। इसी हिस्से पर दो मंजिला कलेक्ट्रेट भवन बना हुआ है।

दस्तावेज में जमीन की चौहद्दी भी स्पष्ट की गई है। इसके उत्तर में नगर थाना, दक्षिण में व्यवहार न्यायालय, पूरब में सड़क और पश्चिम में न्यायालय परिसर स्थित है। इस तरह यह जमीन शहर के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और न्यायिक क्षेत्र के बीच स्थित है।

व्यवहार न्यायालय की ओर से बिक्री उद्घोषणा जारी होने के बाद अब संबंधित भूखंड की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उद्घोषणा में जमीन की पहचान, क्षेत्रफल और आसपास की सीमाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है, ताकि नीलामी के दौरान संपत्ति की स्थिति को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे।

यह मामला मध्यस्थता निष्पादन वाद संख्या 03/2016 से जुड़ा है। इसी वाद के निष्पादन के तहत दीवानी प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 नियम 66 के प्रावधानों के अनुसार बिक्री उद्घोषणा जारी की गई है।

कलेक्ट्रेट भवन किसी भी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख केंद्र होता है। ऐसे में भवन से जुड़ी जमीन को नीलामी के लिए चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर ध्यान बढ़ गया है।

उद्घोषणा में जिस जमीन का उल्लेख है, उस पर दो मंजिला कलेक्ट्रेट भवन मौजूद है। भवन का निर्माण दक्षिणी हिस्से की 2 कट्ठा 5 धुर 67 धुरकी जमीन पर बताया गया है। कुल भूखंड 10 कट्ठा का है, लेकिन नीलामी की प्रक्रिया में वही हिस्सा चिह्नित किया गया है जिस पर भवन स्थित है।

इस जमीन के आसपास कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान मौजूद हैं। उत्तर की ओर नगर थाना और दक्षिण की ओर व्यवहार न्यायालय होने के कारण इसकी भौगोलिक स्थिति भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पूरब में मुख्य सड़क और पश्चिम में न्यायालय परिसर होने से यह हिस्सा शहर के प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र में आता है।

बिक्री उद्घोषणा जारी होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होगी। नीलामी से संबंधित शर्तें, बोली की प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं निर्धारित प्रावधानों के तहत पूरी की जाएंगी।

मामले में खास बात यह है कि नीलामी के लिए चिह्नित जमीन सामान्य निजी भूखंड नहीं, बल्कि कलेक्ट्रेट भवन से जुड़ी हुई है। इसी वजह से यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

आदेश 21 के नियम 66 के तहत आम तौर पर न्यायालय द्वारा संपत्ति की बिक्री से पहले उद्घोषणा जारी की जाती है। इसमें संपत्ति की पहचान और उससे संबंधित जरूरी विवरण दर्ज किए जाते हैं। मधुबनी के इस मामले में भी इसी प्रक्रिया के तहत जमीन का विवरण जारी किया गया है।

उद्घोषणा में खेसरा संख्या 4899 का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही भूखंड का कुल क्षेत्रफल और उस हिस्से का भी विवरण दिया गया है, जिस पर कलेक्ट्रेट भवन निर्मित है।

इस प्रक्रिया के बाद संबंधित पक्षों की नजर अब आगे की न्यायिक कार्रवाई पर बनी हुई है। नीलामी कब और किस प्रक्रिया के तहत पूरी होगी, यह न्यायालय की आगे की कार्यवाही से स्पष्ट होगा।

कलेक्ट्रेट भवन से जुड़े मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भवन में जिले से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य होते हैं, इसलिए जमीन की नीलामी की प्रक्रिया का असर किस रूप में सामने आएगा, इस पर भी लोगों की निगाह है।

फिलहाल बिक्री उद्घोषणा में जमीन की स्थिति और सीमाओं को स्पष्ट कर दिया गया है। उत्तर में नगर थाना, दक्षिण में व्यवहार न्यायालय, पूरब में सड़क और पश्चिम में न्यायालय परिसर होने के कारण संबंधित भूखंड की पहचान भी स्पष्ट है।

न्यायालय की उद्घोषणा के बाद अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी। नीलामी में भाग लेने से संबंधित नियम और शर्तें भी न्यायालय की ओर से तय की जाएंगी।

मध्यस्थता निष्पादन वाद संख्या 03/2016 से जुड़ा यह मामला लंबे समय से प्रक्रिया में है। अब जमीन की नीलामी के लिए बिक्री उद्घोषणा जारी होना इस मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कलेक्ट्रेट भवन से जुड़ी जमीन होने के कारण इस प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्सुकता बनी हुई है। लोगों की नजर इस बात पर है कि नीलामी की आगे की प्रक्रिया कब पूरी होती है और इसके बाद भवन तथा जमीन को लेकर क्या स्थिति बनती है।

फिलहाल व्यवहार न्यायालय की ओर से जारी उद्घोषणा के अनुसार नगर मौजा स्थित खेसरा संख्या 4899 की जमीन का एक हिस्सा नीलामी के लिए चिह्नित किया गया है। इसी हिस्से पर दो मंजिला कलेक्ट्रेट भवन बना है। अब आगे की कार्रवाई न्यायालय की निर्धारित प्रक्रिया और आदेशों के अनुसार की जाएगी।

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