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पटना। बिहार के जमुई में छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट की घटना को लेकर विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि समस्तीपुर में एक युवती के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। गुरुवार को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने इन घटनाओं को लेकर सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की है और समस्तीपुर मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।अशोक चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में समस्तीपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “वे लोग जो भी थे, जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और सभी को गिरफ्तार कर लिया।” मंत्री ने हाल की आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन की कार्रवाई को रेखांकित किया।समस्तीपुर की घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में एक युवती के साथ कुछ युवक कथित तौर पर बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के मुताबिक मामला कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र के जगत सिंह बांध इलाके का है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रिपोर्टों के मुताबिक युवती एक युवक के साथ इलाके में गई थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने दोनों को घेर लिया और युवती के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। वायरल वीडियो में युवती को परेशान किए जाने और उसके साथ हाथापाई जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया गया है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस हरकत में आई।समस्तीपुर पुलिस की कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। घटना का वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, इसे लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है, इसलिए पुलिस जांच पूरी होने तक घटना की सटीक समयरेखा पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
जमुई की घटना के बाद सामने आया मामला
समस्तीपुर की घटना से कुछ दिन पहले जमुई में भी एक नाबालिग छात्रा और किशोर के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। पुलिस के अनुसार यह घटना 19 सितंबर की शाम हुई थी। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।जमुई पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को पकड़ा। मुख्य आरोपी नंदन यादव बाद में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी को घटनास्थल से जुड़ी कार्रवाई के लिए ले जाया जा रहा था, इसी दौरान घटनाक्रम हुआ। इस मामले ने राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक राजनीतिक बहस को जन्म दिया।जमुई की घटना की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया और बिहार पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं के बाद विपक्षी नेताओं ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। समस्तीपुर की घटना सामने आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल समेत विपक्षी नेताओं ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांगा। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं का कहना है कि आपराधिक घटनाओं पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा रहा है।अशोक चौधरी का बयान भी इसी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। उन्होंने सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। उनके मुताबिक समस्तीपुर मामले में घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने देरी नहीं की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पटना की घटना को लेकर भी सवाल
पत्रकारों ने मंत्री से राज्य में हाल में सामने आई अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर भी सवाल किए। इनमें पटना में गोलीबारी जैसी घटनाओं का उल्लेख किया गया। इन मामलों को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से संबंधित मामलों में पुलिस कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है।लगातार सामने आई घटनाओं के कारण बिहार में महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। जमुई की घटना के बाद विरोध प्रदर्शन भी हुए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
वीडियो वायरल होने के बाद तेज हुई कार्रवाई
समस्तीपुर मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की। रिपोर्टों के मुताबिक चार आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि कर रही है।फिलहाल जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं को लेकर बिहार में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष इन मामलों को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जोड़कर सरकार से जवाब मांग रहा है। वहीं अशोक चौधरी ने प्रशासन की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा है कि समस्तीपुर मामले में तत्काल कदम उठाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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