बिहार

चंडीगढ़ में भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा 37 साल बरकरार रखने के लिए किरण खेर से की अपील

Shreya
8 July 2023 4:21 AM GMT
चंडीगढ़ में भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा 37 साल बरकरार रखने के लिए किरण खेर से की अपील
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के द्वारा पिछले महीने 28 जून को एक अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत चंडीगढ़ में प्रोबेशन और भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा केंद्रीय नियमों पर करने की सलाह दी है । अगर ये आदेश लागू होता है तो चंडीगढ़ में भर्ती होने की ऊपरी उम्र सीमा 37 साल से घट जायेगी। समस्या समाधान टीम महासचिव दिनेश दलेरे ने बताया की चंडीगढ़ के मुकाबले पंजाब और हरियाणा में भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा 37 साल है और 04 नवंबर 2016 से पहले चंडीगढ़ में यह सिर्फ 25 साल थी, जिसके कारण चंडीगढ़ के अभियार्थियो को भर्ती होने के लिए बहुत कम समय मिलता था और कई वर्षो के संघर्ष और हमारी सांसद किरण खेर की बदौलत चंडीगढ़ प्रशासन ने नवंबर 2016 को अधिसूचना जारी करके चंडीगढ़ में सरकारी नौकरियों में शामिल होने के लिए ऊपरी आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष की थी। परन्तु अब फिर से चंडीगढ़ में भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा घट जायेगी और युवओं को बहुत ही कम अवसर प्राप्त होंगें। इसलिए हमने हमारी सांसद को पत्र लिख कर अनुरोध किया है की वो इस मामले में हस्तक्षेप करके भर्ती की ऊपरी उम्र सीमा को घटाने वाले नियम को रुकवाए ताकि चंडीगढ़ के युवओं का भला हो सके।

समस्या समाधान टीम के सदस्य मुकेश आचार्य ने कहा की एक तरफ 30 जून को शिक्षा विभाग की तरफ से जेबीटी टीचर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती का पिछले काफी समय से लोग इंतजार कर रहे थे। इसमें आवेदन की ऊपरी उम्र सीमा 37 वर्ष मांगी गई है और दूसरी तरफ चंडीगढ़ प्रशासन के पर्सोनल विभाग द्वारा चंडीगढ़ में होने वाली भर्तियों में केंद्रीय सेवा नियम अपनाने के निर्देश दिए हैं। अगर यह नियम लागू होता है तो जेबीटी भर्ती में उम्र की सीमा 37 से घटकर 30 वर्ष हो सकती है। कई लोगों ने भर्ती में आवेदन करने की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन अब उम्र को लेकर जो प्रशासन ने पत्र जारी किया है उससे हजारों लोग असमंजस की स्थिति है। वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो गए हैं।

समस्या समाधान टीम के प्रधान मनोज शुक्ला द्वारा बताया गया की अगर प्रशासन इस भर्ती में उम्र की सीमा को घटा देता है तो हजारों लोग जो नौकरी की आस में इस परीक्षा को भरने की तैयारी कर रहे थे, वह बेरोजगार ही रह जाएंगे। यह फैसला जनता के साथ धोखा होगा इसलिए हमने पत्र के माध्यम से सांसद किरण खेर को आग्रह किया गया है कि वह मामले में तुरंत संज्ञान लेकर हजारों लोगों को राहत दिलाए।

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