बिहार

असामाजिक तत्वों ने खरपतवार नाशक दवा डालकर नष्ट की किसान की गोभी नर्सरी

Kavita2
9 Sept 2026 4:19 PM IST
असामाजिक तत्वों ने खरपतवार नाशक दवा डालकर नष्ट की किसान की गोभी नर्सरी
x

गणेशपुर। गणेशपुर पंचायत के ओरलाहा गांव में एक किसान की फूलगोभी की तैयार नर्सरी को असामाजिक तत्वों द्वारा खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव कर नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं उसकी अगेती फूलगोभी की खेती की पूरी योजना भी प्रभावित हो गई है।

पीड़ित किसान की पहचान ओरलाहा गांव निवासी धीरेंद्र यादव के रूप में हुई है। धीरेंद्र यादव अपने पिता शिवम यादव के साथ खेती पर निर्भर हैं। उन्होंने लगभग दो बीघा जमीन में फूलगोभी की नर्सरी तैयार की थी। किसान के अनुसार, नर्सरी में पौधे पूरी तरह तैयार हो चुके थे और उन्हें एक-दो दिन के भीतर खेत में रोपने की तैयारी चल रही थी।

किसान ने बताया कि नर्सरी तैयार करने में काफी मेहनत और खर्च किया गया था। बीज, खाद, दवा, मजदूरी और सिंचाई समेत अन्य कृषि कार्यों पर अच्छी खासी राशि खर्च हुई थी। पौधे तैयार होने के बाद उन्हें खेत में लगाने से फसल उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन इससे पहले ही किसी ने पूरी नर्सरी को नुकसान पहुंचा दिया।

धीरेंद्र यादव के अनुसार, अज्ञात असामाजिक तत्वों ने रात के समय नर्सरी में पहुंचकर खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव कर दिया। दवा के प्रभाव से बड़ी संख्या में गोभी के पौधे खराब हो गए और धीरे-धीरे सूखने लगे। जब किसान ने खेत में जाकर पौधों की स्थिति देखी तो उसके होश उड़ गए।

किसान का कहना है कि तैयार पौधों के नष्ट होने से उसे दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ नर्सरी तैयार करने में लगाया गया पैसा और मेहनत बेकार हो गई, वहीं दूसरी तरफ समय पर खेती शुरू नहीं होने से अगेती फूलगोभी की फसल का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।

कृषि क्षेत्र में अगेती फसल किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। समय से पहले तैयार होने वाली फसलों से किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद रहती है। लेकिन नर्सरी नष्ट होने के कारण धीरेंद्र यादव की यह उम्मीद भी टूट गई है।

किसान परिवार ने घटना को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि खेती ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। ऐसे में इस तरह की घटना से आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, खेत में खड़ी फसल या नर्सरी को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है। किसानों की मेहनत महीनों तक चलती है और एक छोटी सी लापरवाही या जानबूझकर की गई हरकत से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले की चर्चा शुरू हो गई है। किसान और ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

किसान धीरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने बेहतर उत्पादन की उम्मीद में फूलगोभी की नर्सरी तैयार की थी। पौधे लगाने का समय भी तय हो चुका था, लेकिन अचानक हुए इस नुकसान ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, नर्सरी अवस्था में पौधों को किसी भी तरह का नुकसान होने पर पूरी फसल प्रभावित हो सकती है। खासकर जब पौधे खेत में लगाने के लिए तैयार हों, तब नुकसान का असर और ज्यादा होता है।

ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की फसल सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

फिलहाल किसान को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से उम्मीद की जा रही है कि मामले की जांच कर किसान को उचित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

इस घटना ने एक बार फिर किसानों की सुरक्षा और उनकी मेहनत की अहमियत को सामने ला दिया है। मेहनत और लागत के बाद तैयार की गई फसल को नुकसान पहुंचाना किसी भी किसान के लिए बड़ा झटका होता है। अब किसान धीरेंद्र यादव को न्याय और नुकसान की भरपाई की उम्मीद है।

Next Story