बिहार

JDU से निष्कासन के बाद अनंत सिंह का बड़ा बयान, बोले- पार्टी 12 सीटों पर सिमट जाएगी

Shubhra Nandy
25 Oct 2026 8:12 AM IST
JDU से निष्कासन के बाद अनंत सिंह का बड़ा बयान, बोले- पार्टी 12 सीटों पर सिमट जाएगी
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जदयू को चेतावनी
पटना : बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निष्कासन के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह का पहला बयान सामने आया है। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अनंत सिंह ने जदयू के कुछ नेताओं पर नाराजगी जताते हुए आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जदयू अगले विधानसभा चुनाव में महज 12 सीटों पर सिमट सकती है। इतना ही नहीं, उन्होंने यहां तक कह दिया कि पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि वे पहले भी उनके साथ थे और आगे भी रहेंगे।

राजनीति में जनता सबसे बड़ी ताकत

एक चैनल से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने पार्टी से निकाले जाने पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का डर नहीं है और वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित नहीं हैं। अनंत सिंह ने कहा कि राजनीति में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है और वही नेताओं का भविष्य तय करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी से निष्कासन के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वे पहले भी नीतीश कुमार के साथ थे और भविष्य में भी उनके साथ रहेंगे। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वे पार्टी के कुछ नेताओं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच अंतर कर रहे हैं।
'अगले चुनाव में जदयू 12 सीटों पर सिमट जाएगी'
अनंत सिंह ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जदयू के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव में पार्टी केवल 12 सीटों तक सीमित रह सकती है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने उन्हें पार्टी से बाहर निकलवाने में भूमिका निभाई है, उन्हें आने वाले समय में अपनी राजनीतिक स्थिति का पता चल जाएगा। अनंत सिंह ने यहां तक कहा कि जदयू के लिए अगले विधानसभा चुनाव में खाता खोलना भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि, यह अनंत सिंह का राजनीतिक दावा है। चुनावी परिणाम मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेंगे।
'जनता ही मालिक है, वही करेगी फैसला'
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि जनता ही उनकी असली ताकत है। उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले जाने के बाद वे किसी के पास दोबारा शामिल करने की गुहार लगाने नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है, तो वे किसी से यह कहने नहीं जाएंगे कि उन्हें वापस ले लिया जाए। मोकामा विधायक ने कहा कि जनता उनके लिए भगवान के समान है और आगे क्या होगा, इसका फैसला भी जनता ही करेगी। उन्होंने अपने बयान में जीवन और मृत्यु को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें न मरने का गम है और न जीने की खुशी। उनके इस बयान को निष्कासन के बाद की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा सदस्यता खत्म होने पर भी फर्क नहीं
जदयू की ओर से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करवाने की संभावित कोशिशों को लेकर भी अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त भी करवा दी जाती है, तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, विधानसभा सदस्यता समाप्त होने का फैसला निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही हो सकता है। पार्टी से निष्कासन अपने आप में विधानसभा की सदस्यता समाप्त नहीं करता। अनंत सिंह ने कहा कि वे अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला जनता पर छोड़ते हैं।
नीतीश कुमार को लेकर कही बड़ी बात
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति समर्थन जताते हुए जदयू के वर्तमान नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने पार्टी बनाई थी, लेकिन अब उन्हें ही दरकिनार किया जा रहा है। यह अनंत सिंह का आरोप है। उन्होंने पार्टी के कुछ मंत्रियों और पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में संगठन चला रहे नेताओं को समय आने पर वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि आज जो नेता मंत्री और पदाधिकारी बने हुए हैं, उनकी राजनीतिक स्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहेगी।
जदयू नेताओं पर तीखा हमला
अनंत सिंह ने पार्टी से निष्कासन के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे नेताओं पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पदों पर बैठे नेताओं को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी स्थिति हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कुछ नेताओं के राजनीतिक भविष्य को लेकर कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया। अनंत सिंह के इस बयान से जदयू के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर उनके असंतोष का पता चलता है। हालांकि, इस मामले में पार्टी नेतृत्व की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं है।
बिहार की राजनीति में बयान के बाद चर्चा
मोकामा विधायक अनंत सिंह के बयान के बाद जदयू से उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। एक ओर उन्होंने पार्टी के चुनावी भविष्य को लेकर नकारात्मक दावा किया है, वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनंत सिंह के बयान पर जदयू नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया आती है और निष्कासन के बाद वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर क्या निर्णय लेते हैं।
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