बिहार

MNREGA योजना में सन्हौला सहित कई क्षेत्रों में अनियमितताओं के आरोप

Kavita2
12 May 2026 1:05 PM IST
MNREGA योजना में सन्हौला सहित कई क्षेत्रों में अनियमितताओं के आरोप
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Bihar बिहार: मनरेगा योजना के तहत सन्हौला प्रखंड सहित अन्य क्षेत्रों में मजदूरों की उपस्थिति और कामकाज को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी की आशंका उस समय गहरी हो गई जब अलग-अलग समय की तस्वीरों में मजदूरों की पहचान और उपस्थिति में अंतर पाया गया।

जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर सुबह और शाम की शिफ्ट की तस्वीरों में काम कर रहे मजदूरों का मिलान नहीं हो रहा है। जहां सुबह कुछ मजदूर कार्य करते दिखाई देते हैं, वहीं शाम की तस्वीरों में उनकी जगह दूसरे मजदूर नजर आ रहे हैं। इस तरह की स्थिति ने योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय स्तर पर यह मामला सामने आने के बाद चर्चा तेज हो गई है कि मनरेगा कार्यों में वास्तविक मजदूरों के बजाय अन्य लोगों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है या फिर फोटो रिकॉर्डिंग में गड़बड़ी की जा रही है। इससे योजना के उद्देश्य और कार्यान्वयन प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का उद्देश्य जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि उपस्थिति रिकॉर्ड और वास्तविक काम करने वाले मजदूरों में अंतर पाया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। इससे न केवल पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि लाभार्थियों को भी योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

स्थानीय स्तर पर इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक जांच की मांग भी उठने लगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी कार्यस्थलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक मजदूरों को ही काम और भुगतान मिले।

सूत्रों के अनुसार, मनरेगा कार्यों की निगरानी के लिए फोटो आधारित उपस्थिति प्रणाली का उपयोग किया जाता है, लेकिन कई जगहों पर इस प्रणाली के क्रियान्वयन में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। सुबह और शाम की तस्वीरों में अलग-अलग मजदूरों की मौजूदगी ने इस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस पूरे मामले ने प्रखंड स्तर पर निगरानी व्यवस्था और फील्ड अधिकारियों की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया है। अब यह देखा जाना बाकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और अनियमितताओं की जांच किस स्तर तक आगे बढ़ती है।

कुल मिलाकर, मनरेगा योजना में सामने आई यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है, बल्कि ग्रामीण रोजगार योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल उठाती है।

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