
पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अब बिहार से बाहर अपना राजनीतिक और संगठनात्मक विस्तार तेज करने की तैयारी में है। पार्टी की नजर उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले अगले विधानसभा चुनावों पर है। लोजपा (रामविलास) दोनों राज्यों में चुनाव लड़ना चाहती है और पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीट बंटवारे में उसे हिस्सेदारी मिलेगी। हालांकि दोनों राज्यों में सीटों की संख्या और गठबंधन की व्यवस्था को लेकर अभी कोई अंतिम समझौता सार्वजनिक नहीं हुआ है।
चिराग पासवान पिछले कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश और पंजाब में पार्टी के विस्तार पर जोर दे रहे हैं। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी इन राज्यों में चुनाव लड़ने और संगठन मजबूत करने पर चर्चा हो चुकी है। अगस्त में चिराग पासवान ने कहा था कि सम्मानजनक सीट बंटवारा होने पर पार्टी एनडीए के साथ चुनाव लड़ेगी, जबकि सहमति नहीं बनने की स्थिति में स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर संगठन की तैयारी
उत्तर प्रदेश में लोजपा (रामविलास) ने विधानसभा की सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी करने की बात कही है। जुलाई में लखनऊ में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान चिराग पासवान ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने, लोगों से संपर्क बढ़ाने और सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की मौजूदगी तैयार करने को कहा था।
चिराग पासवान ने बाद में भी कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। हालांकि सभी सीटों पर संगठनात्मक तैयारी का अर्थ यह नहीं है कि पार्टी अंततः सभी सीटों पर उम्मीदवार ही उतारेगी। गठबंधन होने की स्थिति में वास्तविक सीट संख्या एनडीए के भीतर होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का अगला चुनाव 2027 में होना है। इसे देखते हुए लोजपा (रामविलास) संगठन विस्तार के लिए अभी से सक्रिय है। पार्टी बिहार से लगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ दूसरे हिस्सों में भी अपनी सांगठनिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
पंजाब में भी चुनावी जमीन तैयार करने की कोशिश
उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब भी चिराग पासवान की पार्टी की विस्तार योजना में शामिल है। जुलाई में चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब में चुनाव लड़ने की तैयारी की बात सार्वजनिक रूप से कही थी। इसके बाद पार्टी ने पंजाब में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए।
सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी ने सांसद अरुण भारती को पंजाब में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारी भी दी है। पार्टी की कोशिश वहां अपनी संगठनात्मक मौजूदगी बढ़ाने और विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करने की है।
NDA के साथ चुनाव लड़ना प्राथमिक विकल्प
लोजपा (रामविलास) फिलहाल केंद्र में एनडीए का हिस्सा है और चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री हैं। पार्टी नेताओं की मौजूदा रणनीति उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी एनडीए के तहत चुनाव मैदान में उतरने की है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार पार्टी को उम्मीद है कि गठबंधन में उसे चुनाव लड़ने के लिए सीटें मिलेंगी। फिलहाल सीटों की संख्या तय नहीं हुई है।
पार्टी नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया है कि सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला एनडीए के सहयोगी दलों के बीच बातचीत के बाद होगा। इसलिए उत्तर प्रदेश और पंजाब में लोजपा (रामविलास) कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसका स्पष्ट जवाब सीट बंटवारे की औपचारिक प्रक्रिया के बाद ही मिलेगा।
युवाओं और दलित समुदाय तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति
लोजपा (रामविलास) की रणनीति में युवा मतदाताओं और अनुसूचित जाति समुदाय तक पहुंच बढ़ाना प्रमुख है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बिहार से बाहर इन वर्गों के बीच संगठन का विस्तार किया जा सकता है। यह पार्टी का अपना राजनीतिक आकलन है और चुनाव में इसका वास्तविक प्रभाव मतदाताओं के फैसले से ही स्पष्ट होगा।
उत्तर प्रदेश में चिराग पासवान ने विभिन्न सामाजिक समूहों को जोड़ने की बात करते हुए अपनी पार्टी के विस्तार की रणनीति सार्वजनिक की है। वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन बनाने और स्थानीय मुद्दों के आधार पर लोगों के बीच जाने का निर्देश दिया गया है।
24 सितंबर से ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम
पार्टी अब युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए नए कार्यक्रम भी शुरू करने जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक चिराग पासवान 24 सितंबर को पटना से ‘यूथ बोले तो’ संवाद कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले हैं। इसे युवाओं के साथ सीधे संवाद के मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है।
इस तरह पार्टी एक तरफ उत्तर प्रदेश और पंजाब में संगठन विस्तार पर काम कर रही है तो दूसरी ओर बिहार में अपने सामाजिक और युवा आधार को मजबूत बनाए रखने के लिए कार्यक्रम तैयार कर रही है।
बिहार से बाहर विस्तार की कोशिश
लोजपा (रामविलास) लंबे समय से मुख्य रूप से बिहार की राजनीति से जुड़ी रही है, लेकिन अब पार्टी दूसरे राज्यों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उत्तर प्रदेश और पंजाब के साथ उत्तराखंड में भी चुनावी संभावनाओं को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा सामने आ चुकी है।
फिलहाल पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल एनडीए में सीट बंटवारे का होगा। उत्तर प्रदेश में 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी और पंजाब में बढ़ती गतिविधियों के बावजूद वास्तविक चुनावी तस्वीर गठबंधन की बातचीत के बाद ही साफ होगी। अभी लोजपा (रामविलास) ने दोनों राज्यों में चुनाव लड़ने की मंशा स्पष्ट कर दी है और एनडीए के भीतर सीटों पर सहमति बनने की उम्मीद जताई है।





