
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बाढ़ से हुई क्षति का विस्तृत आकलन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को लोक सेवक आवास में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान, पुनर्स्थापन कार्यों और संभावित खर्च का प्राथमिक स्तर पर विस्तृत ब्योरा तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और जरूरी विकास कार्यों को बिना देरी के आगे बढ़ाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बाढ़ के कारण जिन क्षेत्रों में सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, कृषि, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है, उसका विभागवार आकलन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि केवल नुकसान की सूची तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पुनर्स्थापन के लिए आवश्यक धनराशि का भी स्पष्ट अनुमान लगाया जाए। इससे सरकार प्राथमिकता के आधार पर संसाधनों का आवंटन कर सकेगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों के बीच 12 अक्टूबर को सात-सात हजार रुपये की अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जाएगी। इसके लिए संबंधित प्रशासनिक इकाइयों को लाभार्थियों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत राशि वितरण में पारदर्शिता और तेजी दोनों सुनिश्चित की जाए। किसी पात्र परिवार को लाभ से वंचित न रहना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही जिन इलाकों में अभी भी पानी जमा है, वहां राहत कार्यों को जारी रखा जाए और स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बाढ़ का पानी उतरने के बाद पैदा होने वाली समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलनिकासी के बाद कई क्षेत्रों में गंदगी, जलजनित बीमारियां, क्षतिग्रस्त सड़कें, पेयजल प्रदूषण और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में संबंधित विभाग पहले से ही तैयारी रखें, ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और जल स्रोतों की सफाई पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य केवल बाढ़ के दौरान ही नहीं, बल्कि पानी उतरने के बाद भी समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं।
कृषि विभाग को किसानों की फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जाए ताकि जरूरतमंद किसानों के लिए आगे राहत या सहायता संबंधी निर्णय लिए जा सकें।
ग्रामीण कार्य, पथ निर्माण और अन्य संबंधित विभागों से भी क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। जिन मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। सरकार का जोर है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में लोगों की वास्तविक जरूरतों का लगातार आकलन किया जाए। जहां भोजन, दवा या अन्य जरूरी वस्तुओं की कमी हो, वहां तुरंत आपूर्ति की जाए। साथ ही स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि राहत सामग्री सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
बैठक में बाढ़ से हुई क्षति के पुनर्स्थापन को लेकर वित्तीय आकलन पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग ऐसी रिपोर्ट तैयार करें जिसमें अनुमानित खर्च, प्राथमिकता वाले कार्य और संभावित समयसीमा का भी उल्लेख हो। इससे राज्य सरकार को आगे की कार्ययोजना बनाने में सुविधा होगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत देना और क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचना को बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने और राहत कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने को कहा।
12 अक्टूबर को सात-सात हजार रुपये की अनुग्रहिक राहत राशि का वितरण सरकार की तात्कालिक राहत योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसके साथ ही दीर्घकालिक पुनर्वास और विकास कार्यों के लिए भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
फिलहाल राज्य सरकार का पूरा ध्यान बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और सामान्य जनजीवन की बहाली पर है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि नुकसान का सही आकलन जितनी जल्दी होगा, पुनर्स्थापन का काम उतनी ही तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।





