
बिहार : किला परिसर स्थित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी किरण कुमारी के कार्यालय में शनिवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों ने देखते ही देखते कार्यालय के अंदर रखी कई महत्वपूर्ण फाइलों और विधिक दस्तावेजों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही कार्यालय के कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
अग्निशमन विभाग की दो दमकल गाड़ियों ने करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों ने समय रहते आग को आसपास के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने से कार्यालय में रखी कई महत्वपूर्ण न्यायिक फाइलें, दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं। हालांकि, आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि कितने दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने सुरक्षित बचाए जा सके हैं।
घटना के बाद न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था और रिकॉर्ड की स्थिति की जांच की जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारी भी आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटे हुए हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से आग लगी हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्यालय में बड़ी मात्रा में कागजात और फर्नीचर मौजूद था, जिसके कारण आग तेजी से फैलने की संभावना थी। लेकिन समय पर कार्रवाई होने से आग को नियंत्रित कर लिया गया।
कार्यालय में रखे न्यायिक दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। न्यायालयों में रखे रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनमें विभिन्न मामलों से जुड़े साक्ष्य, आदेश और अन्य कानूनी दस्तावेज शामिल होते हैं। ऐसे में आग की घटना के बाद रिकॉर्ड प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आग से प्रभावित दस्तावेजों की पहचान की जाएगी और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड को दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध स्रोतों की भी मदद ली जा सकती है।
घटना के बाद किला परिसर में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।
न्यायिक कार्यालयों में आग की घटनाएं गंभीर मानी जाती हैं, क्योंकि यहां वर्षों पुराने और महत्वपूर्ण कानूनी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाते हैं। इसलिए रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग से हुए नुकसान का आकलन करना और प्रभावित दस्तावेजों को सुरक्षित करना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई थी।
शनिवार सुबह हुई इस घटना ने किला परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि, दमकल विभाग की तत्परता से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।





