
Bihar: मधुबनी के झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने एक दिल दहला देने वाले मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने चार साल के बेटे और 18 माह की बेटी की हत्या के मामले में मां अनीता देवी और उसके प्रेमी जयशंकर मंडल को फांसी की सजा दी है। अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में माना।
इसके साथ ही दोनों दोषियों पर अलग-अलग 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई, जबकि धारा 201/34 के तहत साक्ष्य मिटाने के आरोप में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अभियोजन के अनुसार यह घटना जुलाई 2023 की है। अंधरामठ थाना क्षेत्र के नरही गांव निवासी प्रमोद कुमार साफी की पत्नी अनीता देवी 3 जुलाई 2023 को अपने दो बच्चों—चार वर्षीय प्रिंस और 18 माह की सृष्टि—को लेकर घर से निकली थी। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की थी। जांच में सामने आया कि अनीता देवी ने अपने प्रेमी जयशंकर मंडल के साथ मिलकर दोनों बच्चों की हत्या की और साक्ष्य छिपाने के लिए शव बलान नदी में फेंक दिए। बाद में चार वर्षीय प्रिंस का शव बरामद हुआ, जबकि छोटी बच्ची सृष्टि का शव तेज बहाव में बह गया था।
घटना के बाद ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद मृतक बच्चों के पिता के आवेदन पर घोघरडीहा थाना में मामला दर्ज किया गया था। दोनों आरोपी 11 जुलाई 2023 से न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत में अभियोजन पक्ष ने इसे समाज के लिए गंभीर और नजीर बनने वाला मामला बताते हुए फांसी की सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने कम सजा की अपील की थी। झंझारपुर कोर्ट का यह फैसला इस प्रकार के मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सबसे कठोर सजा सुनाई है।





