
बिहार : सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र के परसा गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां पोखर में डूबने से एक नौ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
मृतक बच्चे की पहचान परसा गांव के वार्ड नंबर आठ निवासी इंद्रजीत कुमार के पुत्र दीनानाथ कुमार (9 वर्ष) के रूप में हुई है।
दोस्तों के साथ नहाने गया था बच्चा
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे दीनानाथ अपने चार-पांच दोस्तों के साथ गांव के ही मदनजी पोखर में नहाने गया था।
बताया जा रहा है कि सभी बच्चे पोखर में नहा रहे थे। इसी दौरान अचानक दीनानाथ का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
कुछ ही देर में वह पानी में डूबने लगा।
बच्चों ने मचाया शोर
दीनानाथ को डूबता देखकर उसके साथ गए अन्य बच्चे घबरा गए।
उन्होंने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया और आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी देने की कोशिश की।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे।
ग्रामीण ने पोखर में लगाई छलांग
बच्चों की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने बिना देर किए पोखर में छलांग लगा दी।
ग्रामीण ने काफी प्रयास के बाद दीनानाथ को पानी से बाहर निकाला।
इसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए गांव के एक चिकित्सक के पास ले जाया गया।
डॉक्टर ने मृत घोषित किया
ग्रामीण और परिजन बच्चे को बचाने की उम्मीद में चिकित्सक के पास पहुंचे, लेकिन जांच के बाद डॉक्टर ने दीनानाथ को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
मां-बाप और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम
नौ वर्षीय बच्चे की अचानक मौत से परसा गांव के लोग भी दुखी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दीनानाथ अन्य बच्चों के साथ सामान्य रूप से खेलने गया था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह हादसा उसकी जिंदगी छीन लेगा।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई।
पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन की ओर से भी मामले पर नजर रखी जा रही है।
बरसात में बढ़ जाता है डूबने का खतरा
ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम में पोखर, तालाब और गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
अक्सर बच्चे इन स्थानों पर नहाने या खेलने चले जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने बच्चों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकने और सावधानी बरतने की अपील की है।
परिवार को सहायता की उम्मीद
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि परिवार ने अपने छोटे बच्चे को खो दिया है और इस दुख की घड़ी में उन्हें सहयोग की जरूरत है।
फिलहाल घटना के बाद पूरे इलाके में शोक व्याप्त है।





