बिहार

धान के खेत में बिछे नंगे बिजली तार की चपेट में आए 6 लोग, पति-पत्नी समेत तीन की मौत

Kavita2
3 Oct 2026 9:42 AM IST
धान के खेत में बिछे नंगे बिजली तार की चपेट में आए 6 लोग, पति-पत्नी समेत तीन की मौत
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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया प्रखंड से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अख्ता पश्चिमी चकवा पंचायत के तकिया टोला वार्ड-5 में धान के खेत में बिछाए गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से तीन ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मृतकों की पहचान सलाम मंसूरी, उनकी पत्नी रुबैदा खातून और हसमत अंसारी के रूप में की गई है।

घटना उस समय हुई जब ग्रामीण धान के खेत के आसपास मौजूद थे। खेत में नंगा बिजली का तार बिछा हुआ था, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। ग्रामीणों को तार में करंट होने की जानकारी नहीं थी। इसी दौरान एक के बाद एक लोग बिजली के तार की चपेट में आते चले गए। करंट इतना तेज था कि तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे में सलाम मंसूरी और उनकी पत्नी रुबैदा खातून दोनों की जान चली गई। इनके अलावा हसमत अंसारी की भी करंट लगने से मौत हो गई। एक ही घटना में तीन ग्रामीणों की मौत से तकिया टोला में मातम पसर गया। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं इस घटना में तीन अन्य लोग भी करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें बिजली के तार से दूर किया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। उनकी स्थिति को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में चिंता बनी हुई है।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में धान के खेत के पास जमा हो गए। एक साथ कई लोगों के करंट की चपेट में आने की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल बिजली की आपूर्ति बंद कराने का प्रयास किया, ताकि कोई अन्य व्यक्ति भी तार की चपेट में न आए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर धान के खेत में नंगा बिजली का तार किसने और किस उद्देश्य से बिछाया था। खेत में तार बिछाने वाले व्यक्ति की पहचान और उसमें बिजली का करंट कैसे पहुंचा, इसे लेकर जांच की जरूरत है। घटना के बाद ग्रामीण भी इस बात को लेकर आक्रोशित हैं कि खुले खेत में इस तरह जानलेवा बिजली का तार कैसे बिछा दिया गया।

एक ही परिवार के पति-पत्नी की मौत ने घटना को और भी दर्दनाक बना दिया है। सलाम मंसूरी और रुबैदा खातून की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों को विश्वास नहीं हो रहा कि कुछ ही पलों में परिवार के दो सदस्यों की जिंदगी खत्म हो गई। वहीं हसमत अंसारी के परिवार में भी मातम पसरा हुआ है।

हादसे के बाद गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। जिन लोगों ने घटना को देखा, उनके मुताबिक सब कुछ बेहद तेजी से हुआ। बिजली का करंट होने के कारण ग्रामीण तत्काल पीड़ितों तक पहुंचने से भी डर रहे थे। लोगों को आशंका थी कि मदद करने के प्रयास में वे भी करंट की चपेट में आ सकते हैं।

बिजली के तार से जुड़े हादसों में सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में दूसरे लोग भी करंट की चपेट में आ जाते हैं। तकिया टोला में हुई घटना में भी छह लोगों के प्रभावित होने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। तीन लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

घटना के बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि खेत में बिजली का तार किसने लगाया था। यदि जानबूझकर खेत में करंट वाला तार बिछाया गया था तो इसके पीछे का कारण भी जांच का अहम हिस्सा होगा। जिम्मेदारी तय होने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार फसलों को जानवरों से बचाने के लिए खेतों के आसपास तार लगाने की घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि इस घटना में तार किस उद्देश्य से लगाया गया था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में अभी किसी कारण को निश्चित मानना उचित नहीं होगा।

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि खेत में करंट वाला तार लगाया गया था तो उसके आसपास किसी तरह की चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए थी। खुले स्थान पर नंगा तार छोड़ना आसपास से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

तीन लोगों की मौत के बाद अब पूरे घटनाक्रम की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस और संबंधित विभाग को यह पता लगाना होगा कि बिजली का कनेक्शन कहां से लिया गया था, तार किसने बिछाया और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बिजली से जुड़ी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेतों या खुले स्थानों पर नंगे बिजली के तार बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। मामूली लापरवाही भी कई लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

फिलहाल तकिया टोला वार्ड-5 में एक साथ तीन लोगों की मौत से मातम पसरा हुआ है। सलाम मंसूरी, उनकी पत्नी रुबैदा खातून और हसमत अंसारी की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। वहीं गंभीर रूप से झुलसे तीन अन्य लोगों का इलाज जारी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धान के खेत में नंगा बिजली का तार किसने बिछाया था और इस भयावह हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

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