बिहार

गया जंक्शन पर 23.396 किलो मादक पदार्थ बरामद, दो युवक हिरासत में

Kavita2
19 Sept 2026 3:26 PM IST
गया जंक्शन पर 23.396 किलो मादक पदार्थ बरामद, दो युवक हिरासत में
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गया। पितृपक्ष मेला को देखते हुए गया जंक्शन पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के बीच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार रात प्लेटफॉर्म संख्या 1बी के दिल्ली छोर पर संदिग्ध अवस्था में मौजूद दो युवकों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पिट्ठू बैग से कथित तौर पर 23.396 किलोग्राम पोपी हस्क पाउडर बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 3 लाख 50 हजार 940 रुपये बताई गई है। कार्रवाई रेलवे की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन नारकोस के तहत की गई।

पितृपक्ष मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के गया पहुंचने को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। आरपीएफ और जीआरपी की टीमें स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त कर रही हैं। इसी सुरक्षा अभियान के दौरान दोनों युवकों पर टीम की नजर पड़ी।

प्लेटफॉर्म 1बी पर बैठे थे दोनों युवक

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम गया जंक्शन पर गश्त कर रही थी। टीम का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान आपराधिक गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन पर नजर रखना था।

इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1बी के दिल्ली छोर पर दो युवक अपने-अपने पिट्ठू बैग के साथ बैठे दिखाई दिए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सुरक्षाकर्मियों ने दोनों से पूछताछ शुरू की।

पूछताछ के बाद उनके पास मौजूद बैग की तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान बैग से पाउडर के रूप में संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। जांच में इसे पोपी हस्क पाउडर बताया गया।

23.396 किलो पाउडर मिलने का दावा

संयुक्त टीम के मुताबिक, दोनों बैग से कुल 23.396 किलोग्राम पोपी हस्क पाउडर बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 3,50,940 रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद दोनों युवकों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि दोनों युवक खुद इसकी तस्करी में शामिल थे या किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रहे थे।

इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, यह भी विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

ऑपरेशन नारकोस के तहत कार्रवाई

रेलवे परिसरों और ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आरपीएफ की ओर से ऑपरेशन नारकोस चलाया जाता है। इसके तहत रेलवे स्टेशन, ट्रेन और रेलवे क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।

गया जंक्शन पर हुई कार्रवाई भी इसी अभियान के तहत बताई गई है। मेला अवधि के कारण स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त रूप से निगरानी कर रही हैं।

सुरक्षा बलों का फोकस न केवल मादक पदार्थों की तस्करी बल्कि यात्रियों के सामान की चोरी, पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने पर भी है।

पितृपक्ष मेले को लेकर विशेष सतर्कता

गया में पितृपक्ष मेला के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसका सीधा असर गया जंक्शन पर यात्रियों की संख्या पर पड़ता है। भीड़ बढ़ने के कारण रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है।

स्टेशन पर यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त बढ़ाई गई है। प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की नजर रखी जा रही है।

संदिग्ध व्यक्ति या सामान दिखाई देने पर जांच की जा रही है। यात्रियों से भी अपील की जाती है कि स्टेशन या ट्रेन में कोई लावारिस वस्तु मिलने पर उसे हाथ न लगाएं और तुरंत रेलवे सुरक्षा कर्मियों को इसकी सूचना दें।

कहां से आया मादक पदार्थ, जांच जारी

मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल बरामद पोपी हस्क पाउडर के स्रोत और गंतव्य को लेकर है। जांच एजेंसियां दोनों युवकों की यात्रा से संबंधित जानकारी जुटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि वे कहां से गया पहुंचे और आगे उनकी यात्रा कहां तक होनी थी।

इसके साथ ही उनके मोबाइल फोन, टिकट और अन्य दस्तावेजों से भी जांच में सुराग मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, इन चीजों की बरामदगी या जांच को लेकर अभी कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इससे पहले भी दोनों ने मादक पदार्थों को रेलवे के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया था। अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

रेलवे मार्ग से तस्करी रोकने की चुनौती

रेलवे नेटवर्क देश के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों को जोड़ता है। बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही के कारण अपराधी भी कभी-कभी रेल मार्ग का इस्तेमाल अवैध सामान के परिवहन के लिए करने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से रेलवे सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध यात्रियों और सामान पर नजर रखती हैं।

गया जंक्शन पर सामने आए इस मामले में समय रहते संदिग्ध युवकों की जांच किए जाने से कथित मादक पदार्थ बरामद किया गया। फिलहाल दोनों युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पितृपक्ष मेला के दौरान गया जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था आगे भी कड़ी रहने की संभावना है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें स्टेशन परिसर में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी जारी रखेंगी।

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