
पटना। बिहार सरकार ने रोजगार और सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा दावा किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में पिछले आठ-नौ महीने के दौरान करीब दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जबकि साढ़े छह लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नियुक्तियां करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और सरकार की रोजगार नीति को लेकर जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 से 2030 के बीच बिहार में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करेगी और इसके लिए विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र, उद्योग, स्वरोजगार और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में सरकार ने विभिन्न विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है। बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है। इसके अलावा रोजगार मेले, कौशल विकास कार्यक्रम और औद्योगिक गतिविधियों के माध्यम से भी युवाओं के लिए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में आने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सभी नवनियुक्त कर्मचारी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करें।
उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही अवसर और बेहतर मंच उपलब्ध कराने की है। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास और रोजगार को केंद्र में रखकर कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को रोजगार देने वाला राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अगले पांच वर्षों की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य बड़ा जरूर है, लेकिन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में काम कर रही है। इसके लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों को प्रोत्साहित करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं में उत्साह देखने को मिला। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की।
राज्य सरकार का कहना है कि रोजगार के क्षेत्र में लगातार उठाए जा रहे कदमों से बिहार में युवाओं के लिए बेहतर माहौल तैयार हो रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन की गति को और तेज करने की योजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद रोजगार और सरकारी भर्ती को लेकर राज्य में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब नजर इस बात पर होगी कि वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ रोजगार के लक्ष्य को सरकार किस तरह पूरा करती है।





