बिहार

जिउतिया स्नान के दौरान तालाब में डूबी 19 वर्षीय युवती, मां के सामने चली गई जान

Kavita2
4 Oct 2026 12:17 PM IST
जिउतिया स्नान के दौरान तालाब में डूबी 19 वर्षीय युवती, मां के सामने चली गई जान
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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में जिउतिया पर्व के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेजरगंज थाना क्षेत्र के बसबिट्टा बाजार में रविवार को जिउतिया स्नान के दौरान एक 19 वर्षीय युवती की तालाब में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया और पर्व की खुशियां अचानक गम में बदल गईं।

मृतका की पहचान बसबिट्टा बाजार के वार्ड संख्या-12 निवासी गोपाल भगत की पुत्री अर्चना कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि अर्चना जिउतिया पर्व को लेकर अपनी मां के साथ कुंडी नामक तालाब में स्नान करने गई थी। इसी दौरान वह तालाब के गहरे पानी में चली गई और देखते ही देखते डूब गई।

घटना के समय अर्चना की मां भी उसके साथ तालाब में मौजूद थीं। बेटी को गहरे पानी में जाते देखकर उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते अर्चना पानी में समा गई। मां की आंखों के सामने बेटी के डूबने की घटना से मौके पर चीख-पुकार मच गई।

जिउतिया पर्व को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार के लोग स्नान के लिए तालाब और अन्य जलस्रोतों पर पहुंचते हैं। इसी क्रम में अर्चना भी अपनी मां के साथ कुंडी तालाब पहुंची थी। स्नान के दौरान वह ऐसे स्थान पर पहुंच गई जहां पानी काफी गहरा था। अचानक संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण वह पानी में डूब गई।

अर्चना के डूबने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने तालाब में उतरकर युवती की तलाश की। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की कोशिशें की गईं।

हादसे की जानकारी मिलते ही बसबिट्टा बाजार और आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई। पर्व के मौके पर हुई इस घटना से मृतका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जा रहा है कि अर्चना परिवार के साथ जिउतिया पर्व की धार्मिक परंपरा में शामिल होने के लिए तालाब पर गई थी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही देर में यह धार्मिक स्नान परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।

जिउतिया पर्व बिहार समेत कई राज्यों में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस पर्व पर महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं सामूहिक रूप से तालाब, नदी या अन्य जलस्रोतों में स्नान करती हैं। पर्व के दौरान जलस्रोतों पर भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी बेहद जरूरी होती है।

कुंडी तालाब में भी पर्व के चलते लोगों की आवाजाही थी। इसी दौरान अर्चना के डूबने की घटना हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तालाब के कुछ हिस्सों में पानी काफी गहरा है। ऐसे स्थानों पर सावधानी नहीं बरतने पर हादसे की आशंका बनी रहती है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। हादसे के कारणों और घटनाक्रम के संबंध में स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की गई।

मृतका अर्चना कुमारी की उम्र महज 19 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में उसकी मौत से परिवार और आसपास के लोग सदमे में हैं। जिउतिया पर्व के दिन हुई इस मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।

सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि अर्चना अपनी मां के साथ तालाब पर स्नान करने गई थी। मां के सामने ही बेटी गहरे पानी में चली गई। परिवार के लिए इस घटना को स्वीकार करना बेहद कठिन है।

स्थानीय लोगों ने घटना के बाद जलस्रोतों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। पर्व के दौरान तालाबों और नदियों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में गहरे पानी वाले स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा के इंतजाम करना जरूरी माना जाता है।

जलस्रोतों के किनारे चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और स्थानीय स्तर पर निगरानी जैसे उपाय हादसों को रोकने में मदद कर सकते हैं। खासकर पर्व के दिनों में जब सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है, तब प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता महत्वपूर्ण होती है।

हालांकि इस हादसे में युवती के डूबने की वास्तविक परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह स्नान के दौरान गहरे पानी में चली गई और डूब गई।

अर्चना की मौत की खबर जैसे ही बसबिट्टा बाजार में पहुंची, वहां शोक का माहौल बन गया। पड़ोसी और परिचित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचने लगे। पर्व के दिन जिस घर में खुशियां होनी थीं, वहां मातम छा गया।

परिजनों के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद पीड़ादायक है क्योंकि अर्चना अपनी मां के साथ ही तालाब पर गई थी। मां की मौजूदगी में बेटी का डूबना घटना को और अधिक भावुक बना देता है।

पुलिस ने घटना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया शुरू की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत की परिस्थितियों से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आ सकती है।

इस हादसे ने एक बार फिर पर्व-त्योहारों के दौरान जलस्रोतों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। धार्मिक आस्था के कारण लोग बड़ी संख्या में तालाबों और नदियों में स्नान करने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से पहले से सुरक्षा इंतजाम किए जाने के साथ लोगों को भी गहरे पानी में जाने से बचने की जरूरत होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जलस्रोत में स्नान करते समय पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने पर खतरा बढ़ सकता है। कई बार सामान्य दिखाई देने वाला हिस्सा अचानक गहरा हो सकता है। इसलिए अकेले या बिना निगरानी के गहरे पानी में जाना जोखिम भरा हो सकता है।

बसबिट्टा बाजार में हुई घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर चर्चा है कि तालाब के गहरे हिस्सों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। पर्व के दौरान ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की जरूरत रहती है।

जिउतिया पर्व महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। इस अवसर पर परिवारों में विशेष तैयारियां की जाती हैं। लेकिन सीतामढ़ी में अर्चना की मौत ने पर्व के दिन पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।

घटना के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं और इलाके के लोग भी शोक व्यक्त कर रहे हैं। 19 वर्षीय अर्चना की मौत से उसके परिवार ने एक बेटी को खो दिया। मां के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया है।

पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के संबंध में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कुल मिलाकर, सीतामढ़ी के मेजरगंज थाना क्षेत्र के बसबिट्टा बाजार में जिउतिया पर्व के दिन रविवार को कुंडी तालाब में स्नान के दौरान 19 वर्षीय अर्चना कुमारी की डूबने से मौत हो गई। अर्चना अपनी मां के साथ तालाब में स्नान करने पहुंची थी। इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूब गई। मां के सामने बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पर्व के मौके पर हुए इस हादसे ने जलस्रोतों पर सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

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