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असम: एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने कहा है कि जुबीन गर्ग की मौत के मामले में अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग से जुड़े केस की जांच ठीक से की गई थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गुवाहाटी हाई कोर्ट द्वारा इन दोनों को दी गई जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है।
जमानत आदेशों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए सैकिया ने कहा, "जांच में कोई गड़बड़ी नहीं थी। जांच अधिकारी ने सही तरीके से जांच की और चार्जशीट दाखिल की।"
अधिवक्ता अनन भुइयां के इस बयान पर कि अमृतप्रभा महंत को 'क्लीन चिट' मिल गई है, सैकिया ने कहा कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, "जमानत मिलने का मतलब 'क्लीन चिट' मिलना नहीं होता है।"
सैकिया ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के जमानत आदेश में कुछ विसंगतियों की ओर भी इशारा किया और कहा कि राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया है।
इस प्रस्तावित अपील में हाई कोर्ट के जमानत देने के फैसले को चुनौती दी जाएगी। अपील के आधार और कानूनी कार्यवाही के बारे में अभी और जानकारी आनी बाकी है।
इस बीच, 18 अक्टूबर को स्पेशल डीजीपी (सीआईडी) और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के प्रमुख मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने बताया कि असम पुलिस, संगीत आइकन जुबीन गर्ग की मौत के मामले में अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग को गुवाहाटी हाई कोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
मीडिया से बात करते हुए गुप्ता ने कहा कि छुट्टियों के बाद जब अदालतें फिर से खुलेंगी, तब ये अपीलें दायर की जाएंगी। उन्होंने बताया कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट में इस मामले की सुनवाई रोज़ाना चल रही है और अब तक 134 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है।
गुप्ता ने कहा, "जहां तक दो आरोपियों - अमृतप्रभा महंत और संदीपन गर्ग - को गुवाहाटी हाई कोर्ट से मिली जमानत का सवाल है, तो हमने तय किया है कि हम इस जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।" उन्होंने आगे कहा, "यह प्रक्रिया बहुत जल्द पूरी होगी। आजकल अदालतों में छुट्टियां चल रही हैं, और जैसे ही अदालतें खुलेंगी, हम अपील दायर कर देंगे।"
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने हाल ही में असम पुलिस के निलंबित डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) और दिवंगत गायक के चचेरे भाई, संदीपन गर्ग को जमानत दे दी है। उन्हें SIT ने इस मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति राजेश मजूमदार की एकल पीठ ने उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दी।
इस मामले की एक अन्य आरोपी, अमृतप्रभा महंत को भी उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने के बीच, असम पुलिस इन दोनों आदेशों को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
जुबीन गर्ग की 19 सितंबर, 2025 को सिंगापुर में स्कूबा-डाइविंग के दौरान एक हादसे में मौत हो गई थी। यह घटना 'नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में उनके कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई थी।
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