असम

Zubeen Garg केस: आरोपी श्यामकानु महंता ने बेल अर्जी दाखिल, 22 अप्रैल को होगी सुनवाई

Harrison
10 April 2026 9:06 PM IST
Zubeen Garg केस: आरोपी श्यामकानु महंता ने बेल अर्जी दाखिल, 22 अप्रैल को होगी सुनवाई
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Assam असम: असम में चर्चित Zubeen Garg की मौत से जुड़े मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। इस केस में मुख्य आरोपी बताए जा रहे Shyamkanu Mahanta ने 10 अप्रैल को गुवाहाटी की एक स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में जमानत (बेल) के लिए अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल तय की है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला लंबे समय से जांच के दायरे में है और इसमें कई पहलुओं की जांच की जा रही है। Zubeen Garg की मौत को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और साक्ष्य जुटाने का काम जारी है।
Shyamkanu Mahanta की ओर से दाखिल जमानत याचिका में अदालत से राहत की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान आवश्यक सहयोग दिया गया है और अब कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
गुवाहाटी की स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल निर्धारित की है। इस दिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी, जिसके बाद अदालत अपना फैसला दे सकती है।
Zubeen Garg असम के प्रसिद्ध गायक रहे हैं और उनकी मौत के बाद यह मामला राज्य में काफी संवेदनशील बन गया है। इस केस से जुड़े हर नए घटनाक्रम पर मीडिया और जनता की नजर बनी हुई है।
पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। इस दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है और दस्तावेजों की जांच जारी है।
Shyamkanu Mahanta एक इवेंट ऑर्गनाइज़र
हैं और उनका नाम इस केस में आने के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। उनके खिलाफ लगे आरोपों को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अदालतें सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फैसला करती हैं, खासकर जब मामला सार्वजनिक हस्तियों से जुड़ा हो।
फिलहाल, Zubeen Garg केस में अगला महत्वपूर्ण चरण 22 अप्रैल को होने वाली सुनवाई माना जा रहा है। इस दिन अदालत यह तय करेगी कि Shyamkanu Mahanta को राहत दी जाए या नहीं।
इस पूरे मामले ने असम में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है और लोग न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
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