असम

फिर खुला काजीरंगा नेशनल पार्क जीप सफारी का रोमांच शुरू

Ratna Netam
3 Oct 2026 4:18 PM IST
फिर खुला काजीरंगा नेशनल पार्क जीप सफारी का रोमांच शुरू
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गुवाहाटी। असम का प्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क 2026-27 के पर्यटन सीजन के लिए शनिवार को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए फिर खोल दिया गया। वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कोहोरा रेंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नए पर्यटन सीजन की शुरुआत की और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तथा वन्यजीव प्रेमियों का स्वागत किया। इसके साथ ही काजीरंगा में एक बार फिर पर्यटन गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
इस अवसर पर असम के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अतुल बोरा, सांसद कामाख्या प्रसाद तासा और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राज्य के इस प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल को नए सीजन के लिए खोले जाने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण के साथ सुरक्षित और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
काजीरंगा नेशनल पार्क के खुलने के साथ ही शनिवार से जीप सफारी की शुरुआत कर दी गई है। अब पर्यटक निर्धारित पर्यटन क्षेत्रों में जीप के जरिए जंगल की सैर कर सकेंगे और काजीरंगा की जैव विविधता को करीब से देख सकेंगे। हालांकि हाथी सफारी के लिए पर्यटकों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने बताया कि जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद अगले 10 से 20 दिनों के भीतर हाथी सफारी भी शुरू होने की उम्मीद है। हाथी सफारी काजीरंगा आने वाले पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। इसके माध्यम से पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों को अलग अनुभव के साथ देखने का अवसर मिलता है।
नए पर्यटन सीजन को लेकर वन विभाग और स्थानीय पर्यटन क्षेत्र में उत्साह है। मंत्री ने उम्मीद जताई कि इस बार काजीरंगा आने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले सीजन के आंकड़ों को पार कर सकती है। काजीरंगा देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है और हर साल बड़ी संख्या में भारतीय तथा विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
असम सरकार पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखती है। काजीरंगा में पर्यटन गतिविधियों से होटल, होमस्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, जीप सफारी संचालक, हस्तशिल्प विक्रेता और छोटे कारोबारियों को भी फायदा मिलता है। पर्यटन सीजन शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद रहती है।
काजीरंगा विशेष रूप से एक सींग वाले भारतीय गैंडे के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां हाथी, जंगली भैंसा, हिरण और कई अन्य वन्यजीव पाए जाते हैं। बाघों की मौजूदगी के कारण भी यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी काजीरंगा को पक्षी प्रेमियों के लिए भी आकर्षक बनाती है।
काजीरंगा की पहचान केवल वन्यजीव पर्यटन तक सीमित नहीं है। यह अपनी समृद्ध जैव विविधता, घास के मैदानों, आर्द्रभूमि और प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि वन विभाग के सामने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी रहती है।
पर्यटन सीजन के दौरान जीप सफारी निर्धारित मार्गों और नियमों के तहत संचालित की जाती है। पर्यटकों को वन विभाग की ओर से तय दिशा-निर्देशों का पालन करना होता है। जंगल के भीतर शोर न करने, कचरा न फैलाने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसे नियम जिम्मेदार पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
नए सीजन की शुरुआत को देखते हुए वन विभाग ने विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की हैं। सफारी मार्गों की स्थिति, पर्यटकों की सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। मानसून के दौरान पार्क के कई हिस्सों में परिस्थितियां बदल जाती हैं, इसलिए पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू करने से पहले मार्गों और सुविधाओं को तैयार करना जरूरी होता है।
काजीरंगा में हाथी सफारी शुरू करने से पहले भी सुरक्षा और परिचालन संबंधी तैयारियां पूरी की जाएंगी। इसी कारण इसे जीप सफारी के साथ तत्काल शुरू नहीं किया गया है। वन मंत्री के अनुसार, तैयारियां पूरी होते ही अगले 10 से 20 दिनों में इसे पर्यटकों के लिए खोलने की उम्मीद है।
पर्यटन सीजन की शुरुआत से स्थानीय लोगों को भी काफी उम्मीदें हैं। काजीरंगा के आसपास बड़ी संख्या में परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन से जुड़े हुए हैं। होटल और रिसॉर्ट के अलावा स्थानीय खानपान, परिवहन और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबार को भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से लाभ मिलता है।
वन्यजीव पर्यटन के बढ़ते आकर्षण के बीच संरक्षण की चुनौती भी महत्वपूर्ण बनी रहती है। ज्यादा पर्यटकों के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होता है, लेकिन साथ ही जंगल के प्राकृतिक वातावरण पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसके लिए नियंत्रित पर्यटन जरूरी है। वन विभाग की भूमिका इसी संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहती है।
वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने नए सीजन के शुभारंभ के दौरान देश और विदेश के वन्यजीव प्रेमियों को काजीरंगा आने का संदेश दिया। सरकार को उम्मीद है कि इस वर्ष पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आएगी तथा पिछले सीजन की तुलना में ज्यादा पर्यटक पार्क का भ्रमण करेंगे।
जीप सफारी की शुरुआत के साथ काजीरंगा में 2026-27 का पर्यटन सीजन औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। अब अगले कुछ दिनों में हाथी सफारी शुरू होने पर यहां पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलने की संभावना है। प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और एक सींग वाले गैंडे की वजह से काजीरंगा एक बार फिर देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने के लिए तैयार है।
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