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NRC से बाहर लोगों को नहीं मिली अस्वीकृति पर्ची
असम : राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी NRC की अंतिम सूची प्रकाशित होने के करीब सात साल बाद भी इसमें शामिल नहीं किए गए लोगों को अस्वीकृति पर्ची यानी Rejection Slip जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अंतिम NRC को अभी तक औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है, जिसके कारण आगे की प्रक्रिया अटकी हुई है।
असम की अंतिम NRC सूची 31 अगस्त 2019 को प्रकाशित हुई थी। इसमें करीब 19.06 लाख लोगों को शामिल नहीं किया गया था। इन लोगों को अब तक ऐसी औपचारिक अस्वीकृति पर्ची नहीं मिली है, जिसमें NRC से बाहर किए जाने के कारणों की जानकारी हो।
केंद्र की ओर से यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे के जरिए दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 सितंबर 2026 को रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) ने अदालत को बताया कि राज्य के NRC समन्वयक की ओर से NRC के आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए एक ‘सिक्योरिटी रिजीम’ तैयार करने का काम चल रहा है। अंतिम NRC के औपचारिक रूप से अधिसूचित नहीं होने के कारण अस्वीकृति पर्चियां जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
क्या होती है अस्वीकृति पर्ची?
NRC से बाहर किए गए किसी व्यक्ति के लिए Rejection Slip एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें उस व्यक्ति या परिवार को अंतिम NRC में शामिल नहीं किए जाने के कारणों की जानकारी दी जानी है। यह दस्तावेज आगे कानूनी उपायों का इस्तेमाल करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इस प्रक्रिया को लेकर निर्देश दिए थे। 8 मई 2018 के एक आदेश में अदालत ने राज्य के NRC समन्वयक को अंतिम सूची से बाहर रहने वाले लोगों के लिए अस्वीकृति पर्चियां जारी करने की व्यवस्था तैयार करने को कहा था, ताकि वे अपनी आपत्ति या अपील के लिए संबंधित कानूनी मंच का इस्तेमाल कर सकें।
मामला क्यों अटका है?
NRC की सूची तैयार होने के बावजूद उसकी औपचारिक अधिसूचना अब तक नहीं हुई है। केंद्र के मुताबिक, NRC से जुड़े आंकड़ों की सुरक्षा और उनके प्रबंधन के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसी प्रशासनिक और कानूनी स्थिति के कारण Rejection Slips जारी करने तथा उसके बाद की अपीलीय प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
असम में NRC से बाहर किए गए लोगों के मामलों की सुनवाई के लिए Foreigners Tribunals मौजूद हैं। लेकिन Rejection Slip नहीं मिलने के कारण बाहर किए गए लोगों के लिए उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में व्यावहारिक दिक्कत बनी हुई है। अदालत के सामने पेश जानकारी के मुताबिक, अंतिम NRC के औपचारिक रूप से लागू नहीं होने के कारण संबंधित अपीलीय प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या होगा?
मामले की सुनवाई के दौरान असम सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। इस दौरान अदालत के सामने NRC की मौजूदा स्थिति, आंकड़ों की सुरक्षा और Rejection Slips जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर और जानकारी रखी जा सकती है।
NRC असम में नागरिकता से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक अभ्यासों में से एक रहा है। अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद से ही इसमें शामिल और बाहर किए गए लोगों के अधिकारों तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। अब केंद्र के ताजा हलफनामे से यह स्पष्ट हुआ है कि 2019 की अंतिम सूची के बाद भी Rejection Slips जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। करीब 19.06 लाख बाहर किए गए लोगों के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया किस तरह और कब शुरू होगी, इस पर अब सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।
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