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स्पेन में करेंगी नई तकनीक पर रिसर्च
नॉर्थ लखीमपुर: असम के नॉर्थ लखीमपुर की रहने वाली युवा वैज्ञानिक रिचिता हजारिका को यूरोपीय संघ के 'मैरी स्कोडोव्स्का-क्यूरी एक्शन्स' (MSCA) कार्यक्रम के तहत पूरी तरह से फंडेड डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए चुना गया है। इसके जरिए वह स्पेन की 'यूनिवर्सिडाड पब्लिका डी नवर्रा' (UPNA) में शोध करेंगी।
हजारिका, यूरोपीय संघ द्वारा फंडेड 'MGICIAN' प्रोजेक्ट के तहत एक डॉक्टोरल रिसर्चर के रूप में इस विश्वविद्यालय से जुड़ेंगी। यह MSCA डॉक्टोरल नेटवर्क की एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य ऊर्जा-कुशल सॉलिड-स्टेट कूलिंग के लिए अगली पीढ़ी की मैग्नीशियम-आधारित थर्मोइलेक्ट्रिक सामग्री विकसित करना है।
तेजपुर विश्वविद्यालय से MTech प्रोग्राम में गोल्ड मेडलिस्ट रहीं हजारिका, एक ऐसे हाइब्रिड रेफ्रिजरेटर के विकास पर शोध करेंगी, जिसमें तापमान को सटीक रूप से नियंत्रित किया जा सके ताकि तापमान में उतार-चढ़ाव न हो। उनका यह शोध UPNA के इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर डेविड एस्ट्रेन की देखरेख में किया जाएगा।
'MGICIAN' प्रोजेक्ट में पूरे यूरोप के शैक्षणिक संस्थान और औद्योगिक साझेदार एक साथ आए हैं। यह प्रोजेक्ट 15 डॉक्टोरल उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करेगा और साथ ही ऐसी कूलिंग तकनीकों को विकसित करेगा जो यूरोपीय संघ के जलवायु और ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप हों।
'मैरी स्कोडोव्स्का-क्यूरी एक्शन्स' का नाम नोबेल पुरस्कार विजेता और अग्रणी वैज्ञानिक मैरी क्यूरी के नाम पर रखा गया है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शोध के अवसर, विभिन्न विषयों से जुड़ी ट्रेनिंग और करियर विकास के माध्यम से शोधकर्ताओं को सहायता प्रदान करता है।
हजारिका, उद्यमी प्रभात हजारिका और लखीमपुर कॉमर्स कॉलेज में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत रुनजुन बरुआ की बेटी हैं।
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