असम

India-बांग्लादेश सीमा पर तनाव, नो-मैन्स लैंड में फंसे 9 नागरिक, समाधान की कोशिश जारी

Kavita2
15 Jun 2026 5:49 PM IST
India-बांग्लादेश सीमा पर तनाव, नो-मैन्स लैंड में फंसे 9 नागरिक, समाधान की कोशिश जारी
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Assam असम: भारत-बांग्लादेश सीमा पर असम के मनकाचर इलाके में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर नया तनाव पैदा हो गया है। यहां नो-मैन्स लैंड में नौ बांग्लादेशी नागरिक फंसे हुए हैं, जिससे सीमा पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। मामला तब और जटिल हो गया जब बांग्लादेश की ओर से अपने नागरिकों को वापस लेने में हिचकिचाहट दिखाई गई।

सूत्रों के अनुसार, भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा क्षेत्र तक लाया गया, लेकिन बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल (BGB) ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ये सभी नौ लोग भारत और बांग्लादेश के बीच स्थित नो-मैन्स लैंड में फंस गए।

इस स्थिति के कारण सीमा पर तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बातचीत तेज कर दी गई है। मामले को सुलझाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के अधिकारियों के बीच एक फ्लैग मीटिंग भी आयोजित की गई। हालांकि, सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।

बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, मानवीय आधार पर उन्हें भोजन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दोनों देशों के बीच संवाद जारी है ताकि इस स्थिति का जल्द समाधान निकाला जा सके।

सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर आज एक और उच्च स्तरीय बैठक होने की संभावना है, जिसमें दोनों पक्ष किसी व्यावहारिक समाधान तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। फिलहाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अवैध प्रवासियों और सीमा सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं द्विपक्षीय संबंधों और सीमा प्रबंधन पर असर डाल सकती हैं, इसलिए कूटनीतिक स्तर पर समाधान जरूरी है।

फिलहाल नौ नागरिक नो-मैन्स लैंड में ही फंसे हुए हैं और उनकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों देशों की एजेंसियां इस समस्या के समाधान के लिए लगातार संपर्क में हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोई सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।

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