असम

भाजपा कार्यकर्ताओं को सोनोवाल का संदेश, जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान

Ratna Netam
5 Nov 2026 9:34 PM IST
भाजपा कार्यकर्ताओं को सोनोवाल का संदेश, जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान
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गुवाहाटी : 5 नवंबर 2026। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री तथा असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय जनता पार्टी के जमीनी संगठन को और मजबूत बनाने तथा राज्य के चाय बागान समुदायों के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता और जनता के साथ उसका सीधा जुड़ाव होते हैं। भाजपा को गांवों, कस्बों और दूरदराज क्षेत्रों में अपनी सक्रियता बढ़ाने के साथ समाज के सभी वर्गों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए। सोनोवाल ने चाय बागान श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को असम के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है।सर्बानंद सोनोवाल ने हाल ही में गुवाहाटी स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित विस्तारित प्रदेश पदाधिकारी बैठक में भाग लिया था। इस बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और भविष्य की रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई।बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राज्य प्रभारी मंगल पांडे, सह-प्रभारी एस. फांगनोन कोन्याक और मनोज तिग्गा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। असम सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका और कौशिक राय ने भी संगठनात्मक चर्चा में हिस्सा लिया।
जमीनी कार्यकर्ताओं को बताया भाजपा की ताकत
सर्बानंद सोनोवाल ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संगठन की मजबूती जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर निर्भर करती है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाएं।उनका मानना है कि किसी राजनीतिक दल की सफलता केवल चुनावी परिणामों से नहीं आंकी जानी चाहिए, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वह समाज के विभिन्न वर्गों के साथ कितना मजबूत संबंध स्थापित कर पाता है।सोनोवाल ने संगठन में अनुशासन, आपसी सहयोग और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों के मार्गदर्शन में भाजपा का संगठन आने वाले समय में और अधिक मजबूत होगा।
39 संगठनात्मक जिलों की रणनीति पर चर्चा
भाजपा की संगठनात्मक बैठक में असम के 39 संगठनात्मक जिलों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में जिला स्तर पर पार्टी की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन के विस्तार से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।इसके अलावा विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और जनता तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।भाजपा नेतृत्व का मानना है कि बूथ और मंडल स्तर पर मजबूत संगठन होने से स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और आम लोगों के साथ संवाद स्थापित करने में मदद मिलती है।
चाय समुदायों के सर्वांगीण विकास पर जोर
सर्बानंद सोनोवाल लंबे समय से असम के चाय बागान श्रमिकों और आदिवासी समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की आवश्यकता उठाते रहे हैं। उन्होंने चाय समुदायों को राज्य की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।असम की चाय उद्योग व्यवस्था हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ी हुई है। चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की मेहनत ने असम को देश और दुनिया में विशेष पहचान दिलाई है।सोनोवाल ने पूर्व में कहा था कि चाय श्रमिकों की समृद्धि के बिना राज्य और देश के समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।चाय बागान क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिलाओं का सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।
शिक्षा और रोजगार से बदलेगी युवाओं की तस्वीर
चाय समुदायों के विकास में शिक्षा की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बागान क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।चाय बागान श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।इसके साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे परिवारों की आय में वृद्धि और समुदाय की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है।
सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने विभिन्न अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।सोनोवाल ने इससे पहले जानकारी दी थी कि असम के लाखों चाय श्रमिक प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं। इससे उन्हें वित्तीय सेवाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाओं का उपयोग करने में सहायता मिली है।उन्होंने चाय बागान क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने को महत्वपूर्ण बताया है।
आगामी स्थानीय चुनावों पर भी भाजपा की नजर
असम में भाजपा संगठन की सक्रियता ऐसे समय बढ़ रही है, जब राज्य में विभिन्न स्वायत्त परिषदों और नगर निकायों के चुनावों की तैयारियां चल रही हैं।पार्टी ने मिसिंग स्वायत्त परिषद, सोनोवाल कछारी स्वायत्त परिषद, तिवा स्वायत्त परिषद और मोरान-मटक स्वायत्त परिषद सहित अन्य निकायों के चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की है।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बताया कि पार्टी इन चुनावों की तैयारियों में जुटी है। संगठनात्मक बैठकों में स्थानीय मुद्दों और विभिन्न समुदायों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
असम के विकास में सभी समुदायों की भागीदारी जरूरी
सर्बानंद सोनोवाल ने असम के विकास के संदर्भ में सामाजिक समरसता और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मानना है कि राज्य की सांस्कृतिक विविधता उसकी प्रमुख ताकत है।असम में चाय समुदायों के अलावा कई आदिवासी, जनजातीय और अन्य सामाजिक समूह निवास करते हैं। इन सभी वर्गों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति राज्य के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है।सोनोवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए पूर्वोत्तर राज्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि असम में बुनियादी ढांचे, संपर्क सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार पूरे क्षेत्र की प्रगति में योगदान दे सकता है।भाजपा की हालिया संगठनात्मक गतिविधियों से स्पष्ट है कि पार्टी स्थानीय स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने और विभिन्न समुदायों के साथ संपर्क बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।वहीं, चाय बागान समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे राज्य की सामाजिक एवं राजनीतिक प्राथमिकताओं में बने हुए हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और वास्तविक लाभार्थियों तक सुविधाओं की पहुंच महत्वपूर्ण होगी।
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