असम

सर्पदंश से बचाव में शिवसागर मॉडल बना उदाहरण समय पर इलाज से बचीं जिंदगियां

nidhi
29 Aug 2026 2:30 PM IST
सर्पदंश से बचाव में शिवसागर मॉडल बना उदाहरण समय पर इलाज से बचीं जिंदगियां
x
शिवसागर की बाढ़

गुवाहाटी: असम के बाढ़ प्रभावित शिवसागर जिले में इस बार आपदा के दौरान एक राहत भरी खबर सामने आई है। बाढ़ के पानी से घिरे इलाकों में सांपों का खतरा बढ़ने के बावजूद सांप के काटने से एक भी मौत दर्ज नहीं की गई। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसे बेहतर तैयारी, समय पर इलाज और लोगों की जागरूकता का परिणाम बताया है।

पहले से तैयार था स्वास्थ्य विभाग
बाढ़ के दौरान अक्सर सांप अपने बिलों से निकलकर सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों और राहत शिविरों तक पहुंच जाते हैं। इसे देखते हुए शिवसागर प्रशासन ने पहले ही स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) की उपलब्धता सुनिश्चित की थी।
आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और इलाज शुरू करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को भी अलर्ट रखा गया था।
लोगों को किया गया जागरूक
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सांप के काटने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई। लोगों को घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय बर्बाद नहीं करने के लिए जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने के बाद समय पर एंटी-वेनम मिलने से जान बचाई जा सकती है।
राहत शिविरों में रखी गई विशेष निगरानी
बाढ़ के दौरान राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने लगातार निगरानी रखी। ग्रामीणों को रात में सावधानी बरतने, जमीन पर सोने से बचने और घरों की सफाई करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई।
प्रशासन ने उठाए प्रभावी कदम
शिवसागर में बाढ़ प्रबंधन के तहत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। इसी वजह से सांप के काटने जैसी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकी।
बाढ़ के समय कई इलाकों में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, लेकिन शिवसागर में बेहतर तैयारी और जागरूकता के कारण इस बार किसी की जान नहीं गई।

Next Story